पंजाब विधानसभा में SIR के खिलाफ प्रस्ताव पेश, हरपाल चीमा ने लगाए गंभीर आरोप
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने मतदाता सूचियों से वोट काटे जाने का मुद्दा उठाया, प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित करने की अपील
चंडीगढ़: पंजाब विधानसभा के सत्र के दूसरे दिन विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का मुद्दा सदन में गूंजा। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने SIR के खिलाफ विधानसभा में प्रस्ताव पेश किया। उन्होंने आरोप लगाया कि देश के अलग-अलग हिस्सों से मतदाता सूचियों में वोट काटे जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
हरपाल चीमा ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर निशाना साधते हुए दिल्ली में 40 हजार वोट काटे जाने का आरोप लगाया। उनके मुताबिक, इससे आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल को चुनाव में हराने का रास्ता साफ हुआ। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए आवाज उठाने वालों को भाजपा निशाना बना रही है।
SIR के खिलाफ सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित करने की अपील
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने सदन में अपील की कि सभी विधायक SIR के खिलाफ प्रस्ताव का समर्थन करें और इसे सर्वसम्मति से पारित किया जाए। उन्होंने मतदाता सूचियों की पारदर्शिता और चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता सुनिश्चित करने की जरूरत पर जोर दिया।
चीमा ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूचियों से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच के लिए एक विश्वसनीय तंत्र स्थापित किया जाना चाहिए।
चुनाव प्रक्रिया की जांच और कार्रवाई की मांग
हरपाल चीमा ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूचियों से जुड़ी शिकायतों की जांच के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाने की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि जांच के दौरान यदि किसी व्यक्ति के खिलाफ आपराधिक उल्लंघन के पुख्ता सबूत मिलते हैं, तो संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई शुरू की जानी चाहिए।
विधानसभा में प्रस्ताव पर चर्चा जारी
पंजाब विधानसभा में SIR के खिलाफ पेश किए गए प्रस्ताव को लेकर बहस जारी रही। विभिन्न विधायक और मंत्री इस मुद्दे पर अपने विचार रख रहे थे। अब सदन में इस प्रस्ताव पर आगे क्या निर्णय होता है, इस पर नजर बनी हुई है।

