मानसा: पंजाब के मानसा जिले में एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले को लेकर चल रहे विरोध-प्रदर्शन के बीच राज्य सरकार ने पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल किया है। जिले के तीनों उपमंडलों के DSP बदल दिए गए हैं। वहीं, झोटा के बाद युवक दलजीत सिंह की मौत के मामले ने भी तनाव बढ़ा दिया है। खबर लिखे जाने तक दोनों का अंतिम संस्कार नहीं हुआ था।
सरकार की ओर से गुर प्रताप सिंह को मानसा, हरविंदर सिंह को सरदूलगढ़ और सरबजीत सिंह बराड़ को बुढलाडा उपमंडल का DSP नियुक्त किया गया है।
दलजीत की मौत के बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों में टकराव
मानसा जिले के गांव भम्मे कलां निवासी दलजीत सिंह का शव 27 अक्टूबर को गांव के पास खेतों में मिला था। परिजनों को आशंका थी कि उसकी मौत नशे की ओवरडोज के कारण हुई है। परिवार और ग्रामीणों ने नशा बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए धरना दिया।
इसके बाद परिजन और ग्रामीण दलजीत का शव लेकर मानसा में परविंदर झोटा के समर्थन में चल रहे धरने की ओर जाने लगे। पुलिस ने रास्ते में उन्हें रोककर शव अपने कब्जे में ले लिया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की और झड़प हुई।
पुलिस का आरोप है कि 30 से 40 हथियारबंद लोगों ने शव छीनने की कोशिश की और पुलिसकर्मियों पर हमला किया। पुलिस के मुताबिक, इस दौरान एक जवान के सिर पर लोहे की रॉड से वार किया गया। हालांकि, सामने आए वीडियो को लेकर भी सवाल उठे हैं, जिनमें पुलिसकर्मी शव को अपने कब्जे में लेकर जाते दिखाई दे रहे हैं।
दलजीत की पत्नी ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
दलजीत की पत्नी परमजीत कौर ने गिरफ्तार किए गए लोगों को रिहा करने की मांग की है। उनका कहना है कि जब परिवार शव लेकर जा रहा था, तब कई लोग उनके साथ थे। उन्होंने आरोप लगाया कि परिवार के साथ धक्का-मुक्की की गई और शव उनसे छीन लिया गया।
इस घटना के बाद परिवार और सामाजिक कार्यकर्ताओं में नाराजगी है। दूसरी ओर, पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान हिंसा और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोपों के तहत कार्रवाई शुरू की है।
घायल पुलिसकर्मी ने लगाया हमले का आरोप
PAP के आर्म्ड कैडर में तैनात जवान कुलदीप सिंह, जो फरीदकोट के निवासी हैं, ने बताया कि 27 अक्टूबर को उनकी ड्यूटी मानसा के रमदित्तेवाला चौक पर नाके पर लगी थी।
उनके अनुसार, शाम करीब 5:30 बजे सूचना मिली कि भम्मे कलां में एक युवक की मौत के बाद कुछ लोग शव लेकर शहर की ओर बढ़ रहे हैं। पुलिस टीम ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो कथित तौर पर 30 से 40 लोगों ने गंडासों और तलवारों से हमला कर दिया।
कुलदीप सिंह का आरोप है कि इस दौरान कुछ लोगों ने पुलिसकर्मियों पर गाड़ियां चढ़ाने की कोशिश की। उन्होंने बताया कि बचाव के दौरान एक युवक ने उनके सिर पर लोहे की रॉड से वार किया, जिससे उन्हें गंभीर चोट आई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हमलावरों ने उनकी और अन्य पुलिसकर्मियों की वर्दी फाड़ दी। घायल जवान को मानसा के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया।
BNS की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज
थाना सिटी-1 मानसा के ASI जगदीप सिंह ने अस्पताल पहुंचकर घायल जवान के बयान दर्ज किए। इसके बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109, 132, 221, 121(1), 121(2), 191(3), 190 और 301 के तहत मामला दर्ज किया।
पुलिस के अनुसार, दलजीत सिंह का पोस्टमॉर्टम AIIMS में करवाया गया है। वहीं, मानसा पुलिस ने ड्यूटी में बाधा डालने और हिंसक कार्रवाई में शामिल होने के आरोप में मोहनजीत सिंह शेरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि यह गिरफ्तारी कुलदीप सिंह की शिकायत के आधार पर दर्ज मामले में की गई है।
लक्खा सिधाना और मोहनजीत सिंह शेरों को चार दिन का रिमांड
गुरुवार को लक्खा सिधाना और मोहनजीत सिंह शेरों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश किया गया। पुलिस ने दोनों की 10 दिन की रिमांड मांगी थी, लेकिन अदालत ने उन्हें चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया।
इस मामले में आगे की जांच जारी है। पुलिस प्रदर्शन के दौरान हुई झड़प और जवान पर हमले से जुड़े आरोपों की जांच कर रही है।
परविंदर झोटा एक्शन कमेटी की बैठक 30 अक्टूबर को
परविंदर झोटा एक्शन कमेटी ने 30 अक्टूबर को मानसा में बैठक बुलाई है। इसमें आंदोलन की अगली रणनीति पर चर्चा की जाएगी। झोटा के मामले को लेकर पहले से जारी धरने के बीच दलजीत की मौत और शव को लेकर हुए विवाद ने स्थिति को और संवेदनशील बना दिया है।
नशे की लत से जूझ रहा था दलजीत, परिवार में दो बच्चे
परिजनों के मुताबिक, दलजीत सिंह शादीशुदा था और उसके दो बच्चे हैं। वह परिवार में अकेला कमाने वाला था। परिवार ने बताया कि वह पिछले कुछ समय से नशे का आदी हो गया था।
दलजीत की मौत के बाद परिजनों ने नशा बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई। परिवार और प्रदर्शनकारी चाहते हैं कि मौत के मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो। वहीं, पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प से जुड़े आरोपों की जांच भी जारी है।

