पंजाब-चंडीगढ़ में 7 नवंबर तक मौसम रहेगा साफ, दिन में धूप और रात में बढ़ेगी ठंड
पंजाब और चंडीगढ़ में आने वाले दिनों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार, 2 से 7 नवंबर तक बारिश की संभावना नहीं है। इस दौरान दिन में धूप निकलने से हल्की गर्मी महसूस होगी, जबकि रात के तापमान में गिरावट आने से ठंड का असर बढ़ सकता है।
राज्य के अधिकतम तापमान में 0.1 डिग्री सेल्सियस की मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके साथ ही तापमान सामान्य के करीब पहुंच गया है। बठिंडा में सबसे अधिक 32.5 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इस बीच पंजाब और चंडीगढ़ के स्कूलों का समय भी बदल गया है। पंजाब के स्कूल अब सुबह 9 बजे से शुरू होंगे, जबकि चंडीगढ़ में स्कूलों का समय सुबह 8:20 बजे से दोपहर 2:20 बजे तक रहेगा। ये समय-सारिणी फरवरी 2027 तक लागू रहेगी।
हिमाचल से सटे जिलों में ठंड का असर ज्यादा
हिमाचल प्रदेश की सीमा से लगते पंजाब के जिलों में मौसम अपेक्षाकृत ठंडा बना हुआ है। होशियारपुर और पठानकोट में अधिकतम तापमान 29.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, गुरदासपुर में 28.5 डिग्री और अमृतसर में 28.6 डिग्री तापमान रहा।
रूपनगर में अधिकतम तापमान 29.8 डिग्री और नवांशहर में 29.1 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। इन जिलों में तापमान कम रहने के कारण ठंड का एहसास बढ़ने लगा है। इसके मुकाबले मैदानी इलाकों में दिन के समय गर्मी बनी हुई है।
अक्टूबर से शुरू हुई ठंड, नवंबर में रातें होंगी ठंडी
मौसम विभाग के डायरेक्टर सुरेंद्र पाल के मुताबिक, इस साल अक्टूबर से ही हल्की ठंड महसूस होने लगी थी। नवंबर के दौरान पंजाब और चंडीगढ़ के मौसम में और बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
उनके अनुसार, रात के तापमान में गिरावट आने की संभावना है, जबकि दिन का तापमान सामान्य या उससे थोड़ा अधिक रह सकता है। मौसम से जुड़े अनुमानों में अलनीनो सहित विभिन्न मौसमी परिस्थितियों की भूमिका भी हो सकती है। हालांकि, नवंबर में न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक रहने का अनुमान जताया गया है।
हवाओं का रुख बदला, पंजाब में चक्रवात का सीधा असर नहीं
उत्तर भारत के कई राज्यों में मौसम साफ होने के साथ हवाओं का रुख भी बदल रहा है। पंजाब, हरियाणा और दिल्ली के मैदानी इलाकों में फिलहाल शुष्क मौसम बना हुआ है।
आने वाले दिनों में उत्तरी हवाएं चलने से रात के तापमान में हल्की गिरावट आ सकती है। वहीं, दिन में धूप निकलने के कारण तापमान थोड़ा बढ़ सकता है।
दूसरी ओर, चक्रवात मुरासु का संभावित प्रभाव मुख्य रूप से दक्षिण और पूर्वी भारत के तटीय राज्यों आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तमिलनाडु में रहने का अनुमान है। पंजाब में इसका सीधा असर पड़ने की आशंका नहीं जताई गई है।

