पंजाब में AAP को झटका, तीन विधायक BJP में शामिल; सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
पंजाब में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी (AAP) को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। पार्टी छोड़ने वाले तीन विधायक भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गए हैं। इनमें अमृतसर नॉर्थ से कुंवर विजय प्रताप सिंह, समाना से चेतन सिंह जौड़ामाजरा और सनौर से हरमीत सिंह पठानमाजरा शामिल हैं।
तीनों विधायकों ने पिछले दो दिनों के दौरान AAP से इस्तीफा दिया था। रविवार को चेतन सिंह जौड़ामाजरा और हरमीत सिंह पठानमाजरा ने पार्टी छोड़ी, जबकि सोमवार को कुंवर विजय प्रताप सिंह ने भी इस्तीफा दे दिया। इसके बाद तीनों ने BJP का दामन थाम लिया। BJP में शामिल होने के दौरान पंजाब प्रभारी सतीश पूनिया भी मौजूद रहे।
BJP में शामिल होने के बाद विधायकों ने पंजाब की कानून-व्यवस्था, नशे और राज्य सरकार की नीतियों को लेकर सवाल उठाए। कुंवर विजय प्रताप सिंह ने आरोप लगाया कि पंजाब में फिरौती का कारोबार एक इंडस्ट्री बन चुका है और गैंगस्टरों का सरकार में प्रभाव है।
कुंवर विजय प्रताप बोले- फिरौती की इंडस्ट्री चल रही
कुंवर विजय प्रताप सिंह ने आरोप लगाया कि जिन गैंगस्टरों के खिलाफ वह अदालत में गवाही दे रहे हैं, वे सरकार का हिस्सा बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब में फिरौती का कारोबार बढ़ रहा है और इसे एक इंडस्ट्री का रूप मिल गया है।
गौरतलब है कि जून 2025 में AAP ने कुंवर विजय प्रताप सिंह को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में पांच साल के लिए निलंबित कर दिया था। अब उन्होंने पार्टी से इस्तीफा देकर BJP जॉइन कर ली है।
पठानमाजरा ने सरकार पर कर्ज बढ़ाने का आरोप लगाया
हरमीत सिंह पठानमाजरा ने आरोप लगाया कि AAP सरकार ने पंजाब पर करीब ढाई लाख करोड़ रुपये का कर्ज चढ़ा दिया है। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने पंजाब से जुड़े मुद्दे उठाए तो उन्हें परेशान किया गया।
पठानमाजरा ने राज्य की आर्थिक स्थिति और सरकार के कामकाज को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने अपने इस्तीफे के पीछे पंजाब के हितों से जुड़े मुद्दों को प्रमुख वजह बताया।
जौड़ामाजरा ने कानून-व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं पर उठाए सवाल
चेतन सिंह जौड़ामाजरा ने पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि राज्य में ऐसे हालात बन गए हैं कि लोगों को यह चिंता रहती है कि कब और कहां हत्या की वारदात हो जाए।
उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी सवाल उठाते हुए दावा किया कि करीब 3,000 ग्रामीण डिस्पेंसरी बंद कर 881 आम आदमी क्लीनिक खोले गए हैं।
नशे की होम डिलीवरी का भी लगाया आरोप
तीनों विधायकों ने पंजाब में नशे की समस्या को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उनके अनुसार, राज्य में नशे की होम डिलीवरी हो रही है, जबकि लोगों को दूध जैसी जरूरी चीजें लेने के लिए घर से बाहर जाना पड़ता है।
उन्होंने दावा किया कि 35 दिनों के भीतर नशे के कारण दो सगे भाइयों की मौत हुई। हालांकि, इन आरोपों और आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं दी गई है।
कुंवर विजय प्रताप सिंह और हरमीत सिंह पठानमाजरा ने विधानसभा की सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया है। तीनों विधायकों के BJP में शामिल होने से पंजाब की राजनीति में नई हलचल शुरू हो गई है।

