पंजाब के पूर्व मंत्री सुंदर शाम अरोड़ा के घर ED की रेड, सुबह 5 बजे CRPF के साथ पहुंची टीम
पंजाब के होशियारपुर से कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री सुंदर शाम अरोड़ा के आवास पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने छापेमारी की। सोमवार सुबह करीब 5 बजे केंद्रीय एजेंसी के अधिकारी 3 से 4 गाड़ियों में जोधा मल रोड स्थित उनके घर पहुंचे। टीम के साथ केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जवान भी मौजूद थे।
कार्रवाई के दौरान सुरक्षा कर्मियों ने आवास के आसपास तैनाती कर दी और घर को घेर लिया। एजेंसी से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, यह छापेमारी मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में की गई है। जांच कथित तौर पर आय से अधिक संपत्ति और अवैध धन के लेन-देन से संबंधित है।
इससे पहले 27 जनवरी को भी ED ने आयकर विभाग के साथ मिलकर सुंदर शाम अरोड़ा के आवास पर कार्रवाई की थी। उस दौरान अधिकारियों ने दस्तावेजों की जांच की थी। हालांकि, उस छापेमारी में क्या मिला था, इसकी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई थी।
बेटे और रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े ठिकानों पर भी कार्रवाई
सूत्रों के अनुसार, ED की जांच केवल सुंदर शाम अरोड़ा के होशियारपुर स्थित आवास तक सीमित नहीं है। उनके बेटे प्रतीक अरोड़ा और उनसे जुड़े रियल एस्टेट कारोबारियों के ठिकानों पर भी छापेमारी किए जाने की जानकारी सामने आई है।
इनमें मार्बेला ग्रुप और गुलमोहर टाउनशिप ग्रुप के प्रमोटरों से जुड़े ठिकाने भी शामिल बताए जा रहे हैं। एजेंसी कथित तौर पर संपत्ति, निवेश और वित्तीय लेन-देन से संबंधित दस्तावेजों की जांच कर रही है।
औद्योगिक प्लॉट ट्रांसफर मामले में भी रह चुके हैं जांच के दायरे में
सुंदर शाम अरोड़ा इससे पहले मोहाली के एक औद्योगिक प्लॉट के कथित अवैध हस्तांतरण और सब-डिवीजन से जुड़े मामले में भी जांच का सामना कर चुके हैं।
यह मामला पंजाब स्मॉल इंडस्ट्रीज एंड एक्सपोर्ट कॉरपोरेशन (PSIEC) के एक औद्योगिक प्लॉट से जुड़ा था। आरोप था कि औद्योगिक जमीन को 12 प्लॉट से विभाजित कर 125 प्लॉट में बदलने की मंजूरी दी गई। विजिलेंस ब्यूरो ने जनवरी 2023 में इस मामले में सुंदर शाम अरोड़ा, एक IAS अधिकारी और अन्य लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था।
हालांकि, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने दिसंबर 2024 में इस मामले की FIR रद्द कर दी थी।
50 लाख रुपये की रिश्वत देने के आरोप में भी हुई थी गिरफ्तारी
अक्टूबर 2022 में विजिलेंस ब्यूरो ने सुंदर शाम अरोड़ा को एक अन्य मामले में गिरफ्तार किया था। आरोप था कि उन्होंने अपने खिलाफ चल रही जांच में राहत दिलाने के लिए विजिलेंस के AIG मनमोहन कुमार को एक करोड़ रुपये देने की पेशकश की थी।
विजिलेंस के मुताबिक, 50 लाख रुपये की पहली किस्त देते समय उन्हें गिरफ्तार किया गया था। बाद में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने इस मामले की कार्यवाही पर रोक लगा दी थी।
फिलहाल ED की ताजा छापेमारी को लेकर एजेंसी की ओर से बरामदगी या कार्रवाई के निष्कर्षों की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

