गुरबाणी पर AI की गलत जानकारी से अकाल तख्त चिंतित, प्रमाणित AI प्लेटफॉर्म बनाने की तैयारी

गुरबाणी पर AI की मनगढ़ंत पंक्तियों से अकाल तख्त चिंतित, जत्थेदार बोले- प्रमाणित प्लेटफॉर्म बनाएंगे

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) चैटबॉट्स के जरिए गुरबाणी, सिख इतिहास और धार्मिक परंपराओं से जुड़ी गलत जानकारी प्रसारित होने पर श्री अकाल तख्त साहिब ने चिंता जताई है। जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने कहा कि कई AI चैटबॉट्स गलत संदर्भ दे रहे हैं। कुछ मामलों में खुद से बनाई गई पंक्तियों को भी गुरबाणी बताकर पेश किया जा रहा है।

इस समस्या से निपटने के लिए श्री अकाल तख्त साहिब की निगरानी में प्रमाणित डिजिटल स्रोत और AI प्लेटफॉर्म विकसित करने की योजना बनाई जा रही है। इसके लिए सिख विद्वानों, तकनीकी विशेषज्ञों और दुनिया की प्रमुख AI कंपनियों के साथ बातचीत की जाएगी।

जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने यह बात 2 नवंबर को लंदन स्थित ऐतिहासिक खालसा जत्था ब्रिटिश आइल्स गुरुद्वारा साहिब में आयोजित गुरमति समागम के दौरान कही।

AI चैटबॉट्स गुरबाणी के मूल शब्दों में कर रहे बदलाव

कार्यक्रम में मौजूद यूनाइटेड सिख्स के संचार एवं पैरवी निदेशक और SGPC की AI सब-कमेटी के सदस्य हरमीत शाह सिंह ने बताया कि बड़ी संख्या में लोग गुरबाणी की पंक्तियों, उनके अर्थ और धार्मिक संदर्भों को समझने के लिए AI का इस्तेमाल कर रहे हैं।

उन्होंने चिंता जताई कि कई बार चैटबॉट्स गुरबाणी के मूल शब्दों को बदल देते हैं या गलत जानकारी प्रस्तुत करते हैं। इसके बाद लोग बिना सत्यापन किए ऐसी सामग्री को सोशल मीडिया पर साझा कर देते हैं, जिससे गलत जानकारी तेजी से फैलती है।

अकाल तख्त की निगरानी में बनेगा प्रमाणित AI प्लेटफॉर्म

जत्थेदार ने कहा कि इस समस्या के समाधान के लिए श्री अकाल तख्त साहिब की निगरानी में प्रमाणित गुरबाणी AI, डिजिटल स्रोत और विशेष मोबाइल एप्लीकेशन विकसित करने की तैयारी है।

इस पहल में सिख विद्वानों और तकनीकी विशेषज्ञों की मदद ली जाएगी। साथ ही दुनिया की प्रमुख AI कंपनियों से भी संपर्क किया जाएगा, ताकि गुरबाणी और सिख इतिहास से संबंधित जानकारी को अधिक सटीक तरीके से प्रस्तुत किया जा सके।

उन्होंने यह भी कहा कि सिख समुदाय के अपने AI प्लेटफॉर्म को भी अकाल तख्त साहिब से मंजूरी लेनी होगी।

धार्मिक जानकारी के लिए प्रमाणित स्रोतों पर भरोसा करने की अपील

ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने संगत से अपील की कि गुरबाणी सीखने और समझने के लिए केवल AI चैटबॉट्स पर निर्भर न रहें। इसके लिए श्री गुरु ग्रंथ साहिब, सेंचियों और प्रमाणित सिख साहित्य को प्राथमिक आधार बनाया जाना चाहिए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि AI धार्मिक ग्रंथों और प्रमाणित स्रोतों का विकल्प नहीं हो सकती। गुरबाणी से जुड़ी किसी भी जानकारी को साझा करने से पहले उसका सही स्रोत और संदर्भ जांचना जरूरी है।

ब्रिटेन में पढ़ रहे सिख-पंजाबी विद्यार्थियों के मुद्दों पर भी चर्चा

गुरमति समागम के दौरान जत्थेदार ने ब्रिटेन में पढ़ रहे सिख और पंजाबी विद्यार्थियों से जुड़े मुद्दों पर भी बात की। उन्होंने विशेष रूप से छात्राओं से संबंधित विषयों पर स्थानीय संगठनों के सहयोग से काम करने की आवश्यकता जताई।

इस तरह अकाल तख्त साहिब की ओर से गुरबाणी और सिख इतिहास से जुड़ी डिजिटल गलत जानकारी को रोकने के लिए प्रमाणित तकनीकी संसाधन विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *