मानसा के गांव भम्मे कलां में कल होगा दलजीत का अंतिम संस्कार, हाईकोर्ट ने दी अनुमति

मानसा के पैतृक गांव भम्मे कलां में कल होगा दलजीत का अंतिम संस्कार, हाईकोर्ट ने परिवार की मांग मानी

मानसा के 35 वर्षीय दलजीत सिंह उर्फ जीता के अंतिम संस्कार को लेकर चल रहा विवाद अब समाप्त हो गया है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने परिवार की मांग स्वीकार करते हुए अंतिम संस्कार चंडीगढ़ के बजाय दलजीत के पैतृक गांव भम्मे कलां में करवाने की अनुमति दे दी है। अंतिम संस्कार 5 नवंबर को सुबह 11 बजे किया जाएगा।

अदालत ने अंतिम संस्कार के दौरान सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी पंजाब पुलिस को सौंपी है। परिवार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि इसमें केवल परिवार के सदस्य और करीबी रिश्तेदार ही शामिल होंगे। किसी राजनीतिक दल या अन्य संगठन के प्रतिनिधि को शामिल होने की अनुमति नहीं होगी।

PGI चंडीगढ़ में दोबारा हुआ पोस्टमॉर्टम

हाईकोर्ट के आदेश के बाद बुधवार को दलजीत सिंह के शव का चंडीगढ़ स्थित PGI में दोबारा पोस्टमॉर्टम किया गया। पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद दलजीत के पिता जरनैल सिंह मोर्चरी से वापस लौट गए।

इससे पहले हाईकोर्ट ने दलजीत के शव का PGI में विशेषज्ञ डॉक्टरों के बोर्ड से दोबारा पोस्टमॉर्टम कराने के निर्देश दिए थे। परिवार की मांग थी कि पोस्टमॉर्टम के बाद शव को चंडीगढ़ में अंतिम संस्कार के लिए रखने के बजाय उनके पैतृक गांव भम्मे कलां भेजा जाए। अदालत ने परिवार की इस मांग को स्वीकार कर लिया।

अंतिम संस्कार में राजनीतिक दलों और संगठनों की एंट्री पर रोक

परिवार ने अदालत को बताया कि अंतिम संस्कार में केवल परिजन और करीबी रिश्तेदार ही शामिल होंगे। किसी भी राजनीतिक पार्टी या बाहरी संगठन के प्रतिनिधि को इसमें शामिल नहीं किया जाएगा।

हाईकोर्ट ने पंजाब पुलिस को गांव में अंतिम संस्कार के दौरान जरूरी सुरक्षा इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं, ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना न हो और परिवार शांतिपूर्वक अंतिम संस्कार कर सके।

27 अक्टूबर को खेतों में मिला था दलजीत का शव

दलजीत सिंह का शव 27 अक्टूबर को मानसा जिले के गांव रमानंदा के पास खेतों में मिला था। उनकी मौत को लेकर परिवार और पुलिस के अलग-अलग दावे सामने आए हैं।

परिवार का आरोप है कि दलजीत की मौत नशे की ओवरडोज के कारण हुई, जबकि पुलिस ने शुरुआती जांच में हत्या की आशंका जताते हुए मामला दर्ज किया था। पुलिस ने शव पर चोटों के निशान होने की बात भी कही थी।

बहन ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर मांगी थी CBI जांच

दलजीत की बहन अमरजीत कौर ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर कर मामले की CBI जांच कराने, PGI के विशेषज्ञ डॉक्टरों के बोर्ड से दोबारा पोस्टमॉर्टम करवाने और परिवार को सुरक्षा देने की मांग की थी।

परिवार का कहना था कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाया जाना जरूरी है। अब दोबारा पोस्टमॉर्टम के बाद 5 नवंबर को पैतृक गांव भम्मे कलां में अंतिम संस्कार किया जाएगा।

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