हरजीत सिंह रसूलपुर पर महिला ने लगाए रेप के आरोप, निहंग ने किया खारिज

निहंग हरजीत सिंह रसूलपुर पर महिला ने लगाए रेप के आरोप, बोले- मामला पुराना और झूठा

विशेष सेवा के बहाने चंडीगढ़ बुलाने का आरोप; पीड़िता ने श्री अकाल तख्त साहिब से कार्रवाई की मांग की, रसूलपुर ने आरोपों को किया खारिज

पंजाब में सोशल मीडिया पर अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहने वाले निहंग हरजीत सिंह रसूलपुर पर एक महिला ने दुष्कर्म के गंभीर आरोप लगाए हैं। सोशल वर्कर रूप कौर के साथ सामने आई महिला ने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार से मामले में पंथक कार्रवाई करने की मांग की है।

महिला का आरोप है कि 2021 में चंडीगढ़ स्थित पीजीआई में इलाज के दौरान उसकी मुलाकात रसूलपुर से हुई थी। इसके बाद उसका परिवार उनके संपर्क में आया और लंगर सेवा में सहयोग करने लगा। पीड़िता के मुताबिक, बैसाखी के दिन विशेष सेवा के बहाने उसे चंडीगढ़ के खुड्डा लाहौरा इलाके में बुलाया गया, जहां उसके साथ कथित तौर पर दुष्कर्म किया गया।

दूसरी ओर, हरजीत सिंह रसूलपुर ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे पुराना मामला बताया है। उनका दावा है कि पुलिस और अदालत की प्रक्रिया के बाद उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द हो चुकी है।

पीड़िता ने क्या आरोप लगाए?

पीजीआई के बाहर हुई थी मुलाकात

महिला के अनुसार, 2021 में लॉकडाउन खुलने के बाद वह इलाज के लिए चंडीगढ़ पीजीआई गई थी। वहां अरदास टीवी की लंगर गाड़ी लगी हुई थी। पीड़िता का दावा है कि वहां मौजूद सेवादारों ने उसके पति को रसूलपुर के बारे में बताया। इसके बाद उसका परिवार उनके संपर्क में आया और लंगर सेवा में मदद करने लगा।

बैसाखी पर विशेष सेवा के बहाने बुलाने का आरोप

पीड़िता का आरोप है कि 13 अप्रैल को बैसाखी के दिन रसूलपुर ने उससे कहा कि उसके हिस्से में एक विशेष सेवा आई है। इसके लिए उसे खुड्डा लाहौरा इलाके में एक जगह बुलाया गया।

महिला के मुताबिक, वहां पहुंचने पर उसे चाबी देकर एक कमरे का ताला खोलने के लिए कहा गया। आरोप है कि इसके बाद उसके साथ जबरदस्ती और दुष्कर्म किया गया। ये आरोप फिलहाल महिला के बयान पर आधारित हैं।

कृपाण और बंदूक से धमकाने का दावा

महिला ने आरोप लगाया कि विरोध करने पर रसूलपुर ने कृपाण दिखाकर उसे डराया और बंदूक का भय दिखाते हुए उसके परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी। पीड़िता के अनुसार, आरोपी ने यह भी कहा कि वह पुलिस, जज और वकीलों तक अपनी पहुंच रखता है।

शिकायत वापस लेने के लिए दबाव डालने का आरोप

पीड़िता का दावा है कि पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के बाद उसे फोन आने लगे और शिकायत वापस लेने के लिए दबाव बनाया गया। महिला के अनुसार, कथावाचक बलदेव औगरा ने उसे दो लाख रुपये दिलाने और बच्चों को विदेश भेजने की बात कहकर शिकायत वापस लेने के लिए कहा।

महिला ने यह भी आरोप लगाया कि बाद में उसकी पारिवारिक तस्वीरों को कथित तौर पर एडिट करके सोशल मीडिया पर साझा किया गया। पीड़िता का कहना है कि इस मामले में साइबर क्राइम थाने में अलग से एफआईआर दर्ज कराई गई है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है।

रूप कौर ने की पंथक कार्रवाई की मांग

पीड़िता के साथ आई सोशल वर्कर रूप कौर ने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार से मामले का संज्ञान लेने की अपील की है। उन्होंने मांग की कि आरोपों की गंभीरता को देखते हुए रसूलपुर के खिलाफ पंथक स्तर पर कार्रवाई की जाए और उनका निहंग बाणा उतरवाने के साथ सिख पंथ से निष्कासित करने पर विचार किया जाए।

रूप कौर ने यह भी दावा किया कि उनके संपर्क में अन्य महिलाएं भी हैं, जो कथित तौर पर पीड़ित रही हैं। हालांकि, इन दावों की पुष्टि स्वतंत्र रूप से नहीं हुई है।

हरजीत सिंह रसूलपुर ने आरोपों को बताया झूठा

हरजीत सिंह रसूलपुर ने वीडियो जारी कर आरोपों को खारिज किया। उनका कहना है कि मामला वर्ष 2021 का है और पुलिस जांच के बाद उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द कर दी गई थी। उन्होंने अपनी बात के समर्थन में एसएसपी की रिपोर्ट और कानूनी सलाह का हवाला दिया।

रसूलपुर ने रूप कौर पर सोशल मीडिया पर चर्चा पाने और उन्हें परेशान करने के लिए पुराने मामले को दोबारा उठाने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि वह अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों को लेकर कानूनी कार्रवाई करेंगे।

रसूलपुर ने यह भी दावा किया कि सामाजिक और धार्मिक मुद्दों पर अपनी आवाज उठाने के कारण उन्हें कट्टरपंथियों, गैंगस्टरों और विदेशी एजेंसियों से खतरा है।

मामले में दोनों पक्षों के दावे अहम

इस मामले में महिला ने गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि हरजीत सिंह रसूलपुर ने उन्हें झूठा बताते हुए एफआईआर रद्द होने का दावा किया है। उपलब्ध जानकारी के आधार पर आरोपों की मौजूदा कानूनी स्थिति और सभी दावों की स्वतंत्र पुष्टि स्पष्ट नहीं है। ऐसे में मामले को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले संबंधित पुलिस रिकॉर्ड और न्यायिक दस्तावेजों की पुष्टि महत्वपूर्ण होगी।

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