पंजाब का लुधियाना शहर टेक्सटाइल और रेडीमेड गारमेंट उद्योग के क्षेत्र में देश के प्रमुख केंद्रों में अपनी पहचान बनाए हुए है। केंद्रीय कपड़ा मंत्रालय की ओर से 11 अगस्त 2026 को जारी आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में लुधियाना से टेक्सटाइल, रेडीमेड गारमेंट और हस्तशिल्प सहित कुल ₹7,099 करोड़ का निर्यात दर्ज किया गया।
मंत्रालय के मुताबिक, भारत के 548 जिलों से वर्ष 2025-26 के दौरान टेक्सटाइल और रेडीमेड गारमेंट सहित हस्तशिल्प उत्पादों का निर्यात किया गया। प्रमुख निर्यातक जिलों की सूची में लुधियाना ₹7,099 करोड़ के निर्यात के साथ शामिल रहा।
देश के शीर्ष जिलों में तमिलनाडु का तिरुपुर ₹38,677 करोड़ के निर्यात के साथ पहले स्थान पर रहा। इसके बाद गौतम बुद्ध नगर ₹21,095 करोड़, बेंगलुरु अर्बन ₹16,205 करोड़ और गुरुग्राम ₹15,104 करोड़ के साथ प्रमुख केंद्रों में शामिल रहे।
राष्ट्रीय स्तर पर भी टेक्सटाइल और अपैरल निर्यात में बढ़ोतरी दर्ज की गई। मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, भारत का टेक्सटाइल, अपैरल और हस्तशिल्प निर्यात 2019-20 में ₹2,49,250 करोड़ था, जो 2025-26 में बढ़कर ₹3,25,339 करोड़ हो गया। इस अवधि में करीब 4.5 प्रतिशत की वार्षिक चक्रवृद्धि वृद्धि दर (CAGR) दर्ज की गई।
लुधियाना में होजरी, ऊनी कपड़े, निटवेयर और रेडीमेड गारमेंट उद्योग लंबे समय से रोजगार और कारोबार का महत्वपूर्ण आधार रहे हैं। निर्यात के ये आंकड़े पंजाब के इस औद्योगिक केंद्र की राष्ट्रीय टेक्सटाइल सप्लाई चेन में भूमिका को रेखांकित करते हैं।
प्रमुख आंकड़े:
- लुधियाना का टेक्सटाइल एवं गारमेंट निर्यात: ₹7,099 करोड़
- भारत का टेक्सटाइल एवं अपैरल निर्यात 2019-20: ₹2,49,250 करोड़
- भारत का टेक्सटाइल एवं अपैरल निर्यात 2025-26: ₹3,25,339 करोड़
- निर्यात करने वाले भारतीय जिले: 548
- राष्ट्रीय निर्यात वृद्धि की CAGR: लगभग 4.5 प्रतिशत

