कनाडा में 2 लाख अस्थायी निवासियों को मिलेगी पीआर, पंजाबियों को भी राहत की उम्मीद
कनाडा में स्थायी रूप से बसने का सपना देख रहे भारतीयों, खासकर पंजाब के युवाओं के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। कनाडा सरकार ने देश में पहले से रह रहे 2 लाख अस्थायी निवासियों को स्थायी निवास (पीआर) देने के लिए एक विशेष योजना का ऐलान किया है। यह एक बार लागू होने वाली योजना होगी, जिसके तहत दो अलग-अलग श्रेणियों में एक-एक लाख लोगों को पीआर देने का प्रस्ताव है।
इस फैसले से कनाडा में वर्क परमिट पर रह रहे भारतीय युवाओं और उन आवेदकों को फायदा मिलने की उम्मीद है, जो एक्सप्रेस एंट्री या प्रोविंशियल नॉमिनी प्रोग्राम (पीएनपी) जैसे माध्यमों से स्थायी निवास पाने की पात्रता रखते हैं। हालांकि, योजना का लाभ पात्रता और संबंधित श्रेणी की शर्तें पूरी करने वालों को ही मिलेगा।
दो श्रेणियों में बांटे गए 2 लाख पीआर स्लॉट
कनाडा सरकार की योजना के तहत अस्थायी निवासियों को दो समूहों में बांटा गया है।
1. वर्कर्स कोहॉर्ट: इस श्रेणी में एक लाख लोगों को पीआर देने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें कनाडा में पहले से रह रहे ऐसे अस्थायी कर्मचारी और उनके परिवार शामिल हो सकते हैं, जो एक्सप्रेस एंट्री या पीएनपी के तहत पात्रता रखते हैं। ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में काम करने वाले कर्मचारियों को भी प्राथमिकता दिए जाने की बात कही गई है।
2. ह्यूमैनिटेरियन कोहॉर्ट: इस श्रेणी में भी एक लाख लोगों को स्थायी निवास देने का प्रस्ताव है। इसके तहत मानवीय आधार पर लंबित आवेदनों, हांगकांग और यूक्रेन से जुड़े पारिवारिक पुनर्मिलन मार्गों तथा कनाडाई नागरिकों या पीआर धारकों के पति-पत्नी और बच्चों के कुछ लंबित मामलों को शामिल किया जाएगा।
नियमित पीआर कोटे से अलग होंगे ये स्लॉट
इस विशेष योजना के तहत प्रस्तावित 2 लाख पीआर स्लॉट नियमित वार्षिक आव्रजन लक्ष्य से अलग रखे गए हैं। सरकार ने 2027 से 2029 तक हर साल लगभग 3.80 लाख स्थायी निवासियों को स्वीकार करने का लक्ष्य स्थिर रखने की बात कही है।
इसके अलावा, इसी अवधि में हर साल लगभग 3.70 लाख नए अस्थायी निवासियों को स्वीकार करने की योजना भी बताई गई है। सरकार का उद्देश्य कनाडा में अस्थायी निवासियों की आबादी का अनुपात कम करना है।
2027 के अंत तक अस्थायी निवासियों की आबादी 5 प्रतिशत करने का लक्ष्य
कनाडा सरकार का लक्ष्य 2027 के अंत तक देश की कुल आबादी में अस्थायी निवासियों का हिस्सा घटाकर 5 प्रतिशत करना है। इसके लिए पहले से कनाडा में रह रहे कुछ अस्थायी निवासियों को स्थायी निवास देने की योजना बनाई गई है।
पिछले कुछ समय से आवास की कमी, महंगाई और आव्रजन नियमों में सख्ती के कारण कनाडा में रह रहे विदेशी छात्रों और कर्मचारियों के बीच भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। ऐसे में यह प्रस्ताव उन लोगों के लिए राहत की उम्मीद लेकर आया है, जो लंबे समय से पीआर का इंतजार कर रहे हैं।
किन लोगों को मिल सकता है योजना का फायदा?
- वर्क परमिट धारक: कनाडा में काम कर रहे और एक्सप्रेस एंट्री या पीएनपी की पात्रता रखने वाले कर्मचारियों को वर्कर्स कोहॉर्ट के तहत अवसर मिल सकता है।
- विशेष आव्रजन कार्यक्रमों के आवेदक: स्टार्टअप वीजा, होम केयर वर्कर पायलट, अटलांटिक इमिग्रेशन प्रोग्राम और एग्री-फूड पायलट जैसे कार्यक्रमों से जुड़े पात्र आवेदकों को प्राथमिकता मिल सकती है।
- परिवार पुनर्मिलन के मामले: कनाडाई नागरिकों और स्थायी निवासियों के पति-पत्नी तथा आश्रित बच्चों के लंबित आवेदनों को योजना के तहत निपटाया जा सकता है।
- मानवीय आधार वाले आवेदक: विशेष परिस्थितियों और मानवीय आधार पर लंबित मामलों को ह्यूमैनिटेरियन कोहॉर्ट में शामिल किए जाने का प्रस्ताव है।
प्रवासी कामगारों और शरणार्थी मामलों के लिए भी बजट
कनाडा सरकार ने अस्थायी विदेशी कामगार कार्यक्रम में सुधार के लिए 152 मिलियन डॉलर आवंटित करने की बात कही है। इसका उद्देश्य श्रम बाजार की जरूरतों के अनुसार विदेशी कामगारों से जुड़ी व्यवस्था को बेहतर बनाना है।
इसके अलावा, शरणार्थी आवेदनों के लंबित मामलों को निपटाने के लिए पांच वर्षों में 98 मिलियन डॉलर और प्रवासी कामगारों की सहायता करने वाले गैर-लाभकारी संगठनों के लिए 82 मिलियन डॉलर निर्धारित किए गए हैं।
कुल मिलाकर, कनाडा की यह विशेष पीआर योजना वहां पहले से रह रहे अस्थायी निवासियों के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है। हालांकि, पंजाब के युवाओं को यह समझना जरूरी है कि 2 लाख पीआर का ऐलान सभी वर्क परमिट या स्टडी परमिट धारकों को स्वतः स्थायी निवास मिलने की गारंटी नहीं है। इसके लिए पात्रता और सरकार की ओर से तय शर्तें पूरी करना आवश्यक होगा।

