पंजाब के औद्योगिक विकास में टाटा स्टील ने एक बड़ी परियोजना शुरू की है। कंपनी ने 20 मार्च 2026 को लुधियाना के हाई-टेक वैली में अपने नए इस्पात कारखाने का उद्घाटन किया। इस परियोजना पर लगभग ₹3,200 करोड़ का निवेश किया गया है।
पनी की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह भारत में टाटा स्टील का पहला कबाड़ आधारित विद्युत भट्ठी वाला कारखाना है। इसकी वार्षिक उत्पादन क्षमता 7.5 लाख टन है। यहां पुराने लोहे और इस्पात के कबाड़ को कच्चे माल के रूप में इस्तेमाल करके निर्माण क्षेत्र के लिए इस्पात की छड़ें तैयार की जाएंगी।
इस परियोजना की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि इसमें लगभग 50 प्रतिशत ऊर्जा नवीकरणीय स्रोतों से प्राप्त करने की योजना है। कंपनी के अनुसार, इस कारखाने में तैयार होने वाले प्रत्येक टन इस्पात पर कार्बन उत्सर्जन 0.3 टन से कम रखने का लक्ष्य है।
कंपनी ने बताया कि इस परियोजना के निर्माण में लगभग दो वर्ष लगे। इसमें आधुनिक तकनीक के माध्यम से कम ऊर्जा खपत और संसाधनों के बेहतर उपयोग पर जोर दिया गया है।
पंजाब सरकार की ओर से इस परियोजना को समयबद्ध मंजूरियां और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाने में सहयोग किए जाने की जानकारी भी सामने आई थी। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने उद्घाटन कार्यक्रम में हिस्सा लिया। लुधियाना में इस परियोजना की शुरुआत से राज्य के इस्पात, निर्माण सामग्री और संबंधित औद्योगिक क्षेत्रों को नई उत्पादन क्षमता मिलने की उम्मीद है।
प्रमुख आंकड़े
- कंपनी: टाटा स्टील
- स्थान: हाई-टेक वैली, लुधियाना
- निवेश: लगभग ₹3,200 करोड़
- वार्षिक उत्पादन क्षमता: 7.5 लाख टन
- कच्चा माल: 100 प्रतिशत इस्पात कबाड़
- नवीकरणीय ऊर्जा का प्रस्तावित उपयोग: लगभग 50 प्रतिशत
- उद्घाटन: 20 मार्च 2026

