पंजाब सरकार की निवेश प्रोत्साहन पहल के तहत वर्ष 2022 से राज्य में ₹1.57 लाख करोड़ का निवेश धरातल पर सक्रिय होने की जानकारी सामने आई है। इस निवेश से अब तक लगभग 5 लाख लोगों को रोजगार मिलने का अनुमान बताया गया है।
मार्च 2026 में आयोजित प्रगतिशील पंजाब निवेशक सम्मेलन के बाद उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा ने मनीकंट्रोल को दिए साक्षात्कार में बताया कि राज्य में निवेश प्रस्तावों को वास्तविक परियोजनाओं में बदलने पर जोर दिया जा रहा है। उनके अनुसार, पिछले एक वर्ष में लगभग ₹57,000 करोड़ का निवेश क्रियान्वित हुआ।
निवेश प्रोत्साहन विभाग के माध्यम से जिन कंपनियों ने साझा आवेदन प्रक्रिया पूरी की, उनमें ट्राइडेंट समूह और प्लाक्षा विश्वविद्यालय ने ₹5,000-₹5,000 करोड़ के निवेश की प्रतिबद्धता जताई। वहीं, वर्धमान स्टील ने ₹3,600 करोड़, वर्बियो इंडिया ने ₹3,500 करोड़, टाटा स्टील ने ₹3,200 करोड़ और जेएसडब्ल्यू ने ₹3,000 करोड़ के निवेश की प्रतिबद्धता जताई।
लुधियाना, मोहाली, बठिंडा, बरनाला और राज्य के अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में अलग-अलग क्षेत्रों की परियोजनाएं सामने आई हैं। इनमें इस्पात, कपड़ा, जैव ईंधन, शिक्षा, सूचना प्रौद्योगिकी और नवीकरणीय ऊर्जा से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं।
यह आंकड़ा पंजाब में निवेश गतिविधियों के विस्तार को दर्शाता है। हालांकि, ₹1.57 लाख करोड़ का सक्रिय निवेश, ₹57,000 करोड़ का एक वर्ष में क्रियान्वित निवेश और कंपनियों की भविष्य की निवेश प्रतिबद्धताएं अलग-अलग श्रेणियां हैं।
प्रमुख आंकड़े
विवरण आंकड़ा
वर्ष 2022 से सक्रिय निवेश ₹1.57 लाख करोड़
अनुमानित रोजगार लगभग 5 लाख
एक वर्ष में क्रियान्वित निवेश लगभग ₹57,000 करोड़
ट्राइडेंट समूह की प्रतिबद्धता ₹5,000 करोड़
प्लाक्षा विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता ₹5,000 करोड़
वर्धमान स्टील की प्रतिबद्धता ₹3,600 करोड़
वर्बियो इंडिया की प्रतिबद्धता ₹3,500 करोड़
टाटा स्टील की प्रतिबद्धता ₹3,200 करोड़

