राजनीति में नहीं आएंगे परविंदर झोटा के पिता भीम सिंह, बोले- बेटे को इंसाफ दिलाना ही मकसद
चुनाव लड़ने की चर्चाओं पर लगाया विराम, मानसा में इंसाफ की मांग को लेकर जारी संघर्ष के बीच दिया बयान
मानसा: नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में इंसाफ की मांग को लेकर जारी संघर्ष के बीच उनके पिता भीम सिंह ने राजनीति में आने की चर्चाओं पर विराम लगा दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका राजनीति में आने या चुनाव लड़ने का कोई इरादा नहीं है। उनके लिए इस समय सबसे महत्वपूर्ण अपने बेटे को इंसाफ दिलाना और मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करवाना है।
परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद मानसा में इंसाफ की मांग को लेकर लगातार धरना दिया जा रहा है। परिवार और इंसाफ कमेटी की ओर से सरकार के सामने कई मांगें रखी गई हैं। इनमें मामले की साजिश की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच करवाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग भी शामिल है।
चुनाव लड़ने की अपील के बीच आया बयान
परविंदर सिंह झोटा के परिवार के सदस्यों को राजनीति में आने और विधानसभा चुनाव लड़ने की अपील किए जाने की चर्चाएं सामने आई थीं। इसी बीच उनके पिता भीम सिंह ने साफ कर दिया कि वह किसी राजनीतिक पद या चुनाव की दौड़ में शामिल नहीं होना चाहते।
उनके इस बयान से राजनीति में आने को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लग गया है। भीम सिंह का मुख्य उद्देश्य अपने बेटे की मौत के मामले में इंसाफ हासिल करना और परिवार की मांगों को पूरा करवाना है।
इंसाफ मिलने तक जारी रहेगा संघर्ष
परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले को लेकर मानसा में परिवार के साथ विभिन्न संगठन और लोग लगातार आवाज उठा रहे हैं। परिवार मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहा है।
परिवार का कहना है कि इंसाफ मिलने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। फिलहाल भीम सिंह ने स्पष्ट कर दिया है कि उनकी प्राथमिकता राजनीति नहीं, बल्कि अपने बेटे के लिए इंसाफ हासिल करना है।

