Sutlej OTT Controversy: केवल सिंह ढिल्लों की अपील पर केंद्र ने समीक्षा समिति गठित की

‘सतलुज’ विवाद में नया मोड़: केवल सिंह ढिल्लों की अपील पर केंद्र ने OTT से हटाने के फैसले की समीक्षा के दिए आदेश

चंडीगढ़: पंजाबी फिल्म ‘सतलुज’ को OTT प्लेटफॉर्म से हटाए जाने के मामले में नया घटनाक्रम सामने आया है। पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों की ओर से केंद्र सरकार को भेजी गई अपील के बाद इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने मामले की समीक्षा के लिए तीन सदस्यीय समिति को जांच और रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

OTT से हटाने की प्रक्रिया की होगी समीक्षा

जानकारी के अनुसार, केवल सिंह ढिल्लों ने 6 जुलाई को केंद्र सरकार के समक्ष फिल्म को OTT प्लेटफॉर्म से हटाए जाने की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए समीक्षा की मांग की थी। इसके बाद मंत्रालय ने मामले की परिस्थितियों की जांच और समीक्षा के लिए तीन सदस्यीय समिति को निर्देश जारी किए हैं।

केवल सिंह ढिल्लों ने जताया स्वागत

केंद्र सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि पंजाब का सिनेमा और उसके कलाकार राज्य की संस्कृति, इतिहास और सामाजिक पहचान का प्रतिनिधित्व करते हैं।

उन्होंने कहा कि जब फिल्म उद्योग और आम लोगों की ओर से ‘सतलुज’ को OTT से हटाने को लेकर गंभीर चिंताएं सामने आईं, तब उन्होंने इसे अपना दायित्व समझते हुए केंद्र सरकार के समक्ष उठाया।

“पारदर्शिता और कानून दोनों जरूरी”

ढिल्लों ने कहा कि कानून का पालन सर्वोपरि है, लेकिन इसके साथ ही पारदर्शिता और रचनात्मक अभिव्यक्ति का सम्मान भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

उन्होंने विश्वास जताया कि समीक्षा समिति पूरे मामले की निष्पक्ष और व्यापक जांच करेगी तथा सभी पक्षों को सुनने के बाद उचित निर्णय लिया जाएगा।

कलाकारों और जनता के साथ खड़े रहने का भरोसा

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि वह इस मुद्दे पर पंजाब के कलाकारों और आम जनता के साथ खड़े हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा पंजाब सभी संबंधित पक्षों के साथ सकारात्मक संवाद जारी रखेगी, ताकि मामले का जल्द, न्यायसंगत और संतुलित समाधान सुनिश्चित किया जा सके।

फिल्म को लेकर जारी है विवाद

मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर आधारित फिल्म ‘सतलुज’ हाल ही में OTT प्लेटफॉर्म पर रिलीज हुई थी। इसके बाद फिल्म को प्लेटफॉर्म से हटाए जाने पर पंजाब के कई राजनीतिक दलों, कलाकारों और सामाजिक संगठनों ने सवाल उठाए हैं। अब केंद्र सरकार द्वारा समीक्षा समिति को जांच के निर्देश दिए जाने के बाद इस मामले ने नया मोड़ ले लिया है।

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