वायरल वीडियो पर भाजपा नेता रेणु कश्यप का यू-टर्न, कहा- बयान को तोड़-मरोड़कर किया गया पेश
दीनानगर: सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रदेश सचिव और दीनानगर विधानसभा सीट की प्रभारी रेणु कश्यप ने अपनी सफाई दी है। वायरल वीडियो में उन्हें कथित तौर पर यह कहते हुए सुना जा रहा है, “SIR करवाओ, 20-25 हजार वोट कटवाओ और अपना MLA बनाओ।” वीडियो के वायरल होने के बाद उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले पर अपना पक्ष रखा।
‘वीडियो को तोड़-मरोड़कर किया गया पेश’
रेणु कश्यप ने कहा कि सोशल मीडिया पर प्रसारित किया जा रहा वीडियो वास्तविक संदर्भ से हटाकर पेश किया गया है। उनके अनुसार, यह कोई सार्वजनिक बयान नहीं था, बल्कि पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ आयोजित एक निजी बैठक का हिस्सा था। उन्होंने आरोप लगाया कि विरोधी दलों और कुछ शरारती तत्वों ने वीडियो को भ्रामक तरीके से प्रसारित किया है।
वोटों की सुरक्षा को लेकर थी चर्चा
भाजपा नेता ने कहा कि बैठक का उद्देश्य क्षेत्र के लोगों को वोट बनवाने की प्रक्रिया और मतदाता सूची में अपने नाम की सुरक्षा के प्रति जागरूक करना था। उनका कहना था कि वे यह सुनिश्चित करना चाहती थीं कि आने वाले चुनावों में दीनानगर का कोई भी पात्र मतदाता अपने मतदान के अधिकार से वंचित न रहे।
‘वोट काटने का अधिकार चुनाव आयोग के पास’
रेणु कश्यप ने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति के पास वोट जोड़ने या हटाने का अधिकार नहीं होता। उन्होंने कहा कि यह पूरी प्रक्रिया भारत निर्वाचन आयोग के नियमों के अनुसार कानूनी तरीके से संपन्न होती है। उनके मुताबिक, उन्होंने केवल कथित तौर पर फर्जी या नियमों के विरुद्ध बनाए गए मतदाता पंजीकरण के खिलाफ कार्रवाई की बात कही थी।
AI और वीडियो एडिटिंग का जताया संदेह
20 से 25 हजार वोट काटने वाले कथित बयान पर उन्होंने कहा कि इस आंकड़े को लेकर वायरल किया जा रहा वीडियो संदिग्ध है। उन्होंने दावा किया कि आधुनिक तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) या वीडियो एडिटिंग के जरिए बयान में छेड़छाड़ की गई हो सकती है। उन्होंने इस पूरे मामले की जांच करवाने की बात भी कही।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
वीडियो वायरल होने के बाद राजनीतिक हलकों में इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, रेणु कश्यप ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनके बयान का गलत अर्थ निकाला गया है और वह केवल चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी और नियमों के अनुरूप बनाए रखने की बात कर रही थीं।

