प्राइवेट स्कूल फीस विवाद: केंद्र ने कहा- फीस नियंत्रित करने का अधिकार राज्यों के पास, पंजाब के नियम पर हाईकोर्ट में सुनवाई जारी
पंजाबी दूरदर्शन | मोहाली
पंजाब में निजी स्कूलों की फीस को लेकर चल रहे विवाद के बीच केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्राइवेट स्कूलों की फीस को विनियमित करने और आवश्यक कार्रवाई करने का अधिकार राज्य सरकारों के पास है, भले ही संबंधित स्कूल CBSE से संबद्ध क्यों न हों।
लोकसभा में सांसद राजकुमार चब्बेवाल के प्रश्न के लिखित उत्तर में केंद्र सरकार ने यह जानकारी दी।
शिकायत कहां दर्ज कर सकते हैं अभिभावक?
केंद्र सरकार के अनुसार, यदि किसी अभिभावक को निजी स्कूल की फीस या अन्य मामलों से संबंधित शिकायत है, तो वह संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी (DEO), राज्य की फीस रेगुलेटरी कमेटी या CBSE के आधिकारिक शिकायत पोर्टल पर शिकायत दर्ज करा सकता है।
पंजाब सरकार ने बनाया है फीस नियमन नियम
पंजाब सरकार ने हाल ही में निजी स्कूलों की फीस वृद्धि को लेकर नियम लागू किए हैं। इन नियमों के तहत स्कूलों को निर्धारित सीमा से अधिक फीस बढ़ाने की अनुमति नहीं है। सरकार का उद्देश्य अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ को कम करना और फीस वृद्धि को नियंत्रित करना बताया गया है।
हाईकोर्ट में जारी है कानूनी चुनौती
पंजाब सरकार के फैसले के खिलाफ कई निजी स्कूलों ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का रुख किया है। स्कूल प्रबंधन का कहना है कि फीस निर्धारण में उन्हें भी प्रशासनिक और वित्तीय स्वतंत्रता मिलनी चाहिए।
मंगलवार को मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई की तारीख 4 अगस्त निर्धारित की है। फिलहाल मामले पर अंतिम निर्णय आना बाकी है।
फैसले पर सबकी नजर
केंद्र सरकार के रुख के बाद अब इस मामले में हाईकोर्ट का फैसला अहम माना जा रहा है। अदालत के निर्णय से यह स्पष्ट होगा कि पंजाब सरकार द्वारा लागू किए गए फीस नियमन नियमों की कानूनी स्थिति क्या होगी और आगे निजी स्कूलों में फीस वृद्धि किस प्रकार नियंत्रित की जाएगी।
नोट: यह समाचार लोकसभा में केंद्र सरकार द्वारा दिए गए आधिकारिक उत्तर और न्यायालय में चल रही कार्यवाही पर आधारित है। मामले पर अंतिम कानूनी स्थिति पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगी।

