Sarabjit Kaur Case: पाकिस्तानी पति नासिर हुसैन को लाहौर हाईकोर्ट का नोटिस, पहली पत्नी ने दूसरी शादी और घर से निकालने के आरोप लगाए

Sarabjit Kaur Case: पाकिस्तानी पति नासिर हुसैन को हाईकोर्ट का नोटिस

अमृतसर/मानव: भारत से पाकिस्तान गईं सरबजीत कौर के पाकिस्तानी पति नासिर हुसैन की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। लाहौर हाईकोर्ट ने नासिर हुसैन को उनकी पहली पत्नी सायमा हुसैन की ओर से दायर याचिका पर नोटिस जारी किया है। अदालत ने उन्हें 16 सितंबर को पेश होने के लिए कहा है।

सायमा ने अपने वकील अली चंगेजी संधू के माध्यम से याचिका दाखिल की है। इसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि नासिर ने उनकी सहमति के बिना सरबजीत कौर से दूसरी शादी की और बाद में सरबजीत के साथ मिलकर उन्हें और उनके चार बच्चों को घर से बाहर कर दिया।

पहली पत्नी ने घर पर कब्जे का लगाया आरोप

सायमा हुसैन का आरोप है कि भारत से यात्रा वीजा पर पाकिस्तान पहुंची सरबजीत कौर ने नासिर के साथ मिलकर उनके घर पर कब्जा कर लिया। याचिका के मुताबिक, सायमा और उनके चार बच्चों को घर से बाहर कर दिया गया।

सायमा ने अदालत से अपने और बच्चों के रहने की व्यवस्था तथा बच्चों के गुजारा भत्ते की मांग की है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि परिवार के जरूरी सामान और कपड़ों को घर से बाहर कर दिया गया।

इन आरोपों पर अदालत में आगे सुनवाई के दौरान नासिर हुसैन का पक्ष भी सामने आएगा।

दूसरी शादी को लेकर भी कानूनी सवाल

याचिका में नासिर पर पहली पत्नी की सहमति के बिना दूसरी शादी करने का आरोप लगाया गया है। सायमा के वकील अली चंगेजी संधू के अनुसार, पाकिस्तान के मुस्लिम फैमिली लॉज ऑर्डिनेंस, 1961 की धारा 6 में दूसरी शादी से संबंधित कानूनी प्रक्रिया निर्धारित है।

वकील का दावा है कि दूसरी शादी के लिए संबंधित प्रक्रिया और आर्बिट्रेशन काउंसिल की अनुमति का प्रावधान है। इस मामले में पहली पत्नी की सहमति और आवश्यक कानूनी औपचारिकताओं का पालन हुआ या नहीं, यह अदालत के समक्ष विचार का विषय है।

10 महीने से पति के संपर्क में नहीं होने का दावा

सायमा ने अपनी याचिका में दावा किया है कि नासिर हुसैन करीब 10 महीने से उनसे और बच्चों से संपर्क में नहीं हैं। उनके मुताबिक, इस दौरान बच्चों के पालन-पोषण के लिए नियमित आर्थिक सहायता भी नहीं मिली।

उन्होंने अदालत के सामने चार नाबालिग बच्चों की जिम्मेदारी का मुद्दा उठाते हुए उनके लिए गुजारा भत्ता और रहने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।

बच्चों के भविष्य को लेकर चिंता जताई

याचिका में सायमा ने अपने बच्चों के भविष्य को लेकर भी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा है कि वह मौजूदा परिस्थितियों में नासिर और सरबजीत के साथ एक ही घर में रहने के लिए तैयार नहीं हैं और अदालत से अपने तथा बच्चों के वैध अधिकार दिलाने की मांग कर रही हैं।

याचिका में किए गए निजी जीवन से संबंधित अन्य आरोप फिलहाल सायमा की ओर से लगाए गए दावे हैं, जिनकी न्यायिक पुष्टि होना बाकी है।

सरबजीत कौर को पाकिस्तान से निर्वासित करने का मामला भी लंबित

सरबजीत कौर से जुड़े कानूनी मामलों में यह पहला मामला नहीं है। उन्हें पाकिस्तान से निर्वासित किए जाने से संबंधित एक याचिका भी लाहौर हाईकोर्ट में लंबित बताई गई है।

इस मामले में सायमा हुसैन के वकील अली चंगेजी संधू ही सरबजीत कौर के भारतीय पति करनैल सिंह और पाकिस्तान के पूर्व अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री महेंद्र पाल सिंह की ओर से भी पैरवी कर रहे हैं।

16 सितंबर को होगी अगली सुनवाई

लाहौर हाईकोर्ट ने सायमा हुसैन की याचिका पर नासिर हुसैन को नोटिस जारी करते हुए उन्हें 16 सितंबर को अदालत में पेश होने के निर्देश दिए हैं।

अब अगली सुनवाई में नासिर हुसैन का पक्ष सामने आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि दूसरी शादी, घर पर कब्जे और बच्चों के गुजारा भत्ते से जुड़े आरोपों पर उनका क्या जवाब है। अदालत के अंतिम निर्णय तक याचिका में लगाए गए आरोपों को सिद्ध तथ्य नहीं माना जा सकता।

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