Gurdaspur School Case: 5वीं के छात्र पर शराब लाने का आरोप, मां ने थप्पड़-कान खींचने का लगाया आरोप; DEO ने शुरू की जांच

Gurdaspur School Case: 5वीं के छात्र पर शराब लाने का आरोप, मां ने थप्पड़-कान खींचने का लगाया आरोप; DEO ने शुरू की जांच

गुरदासपुर: पंजाब के गुरदासपुर जिले में एक प्राइवेट स्कूल से जुड़ा मामला सामने आया है, जहां 5वीं कक्षा के एक छात्र पर पानी की बोतल में शराब या बीयर लाने का आरोप लगाते हुए उसे स्कूल से सस्पेंड कर दिया गया। बच्चे की मां ने स्कूल के स्टाफ पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पूछताछ के दौरान बच्चे को थप्पड़ मारे गए, कान खींचे गए और उसे डराया-धमकाया गया।

मामले की शिकायत परिवार ने 11 सितंबर को जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) के पास की है। DEO परमजीत के मुताबिक, शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच की जा रही है और जांच में यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

मां का आरोप- बच्चे को कई पीरियड तक अलग रखा गया

बच्चे की मां का कहना है कि स्कूल में उनके बेटे से शराब को लेकर पूछताछ की गई। आरोप है कि बच्चे को कई पीरियड तक शिक्षकों के पास ही रखा गया और बाद में उसे प्रिंसिपल के सामने पेश किया गया।

मां के मुताबिक, बच्चे ने घर लौटने के बाद स्कूल में हुई घटना के बारे में बताया और दोबारा स्कूल जाने से इनकार कर दिया। बच्चे का कहना था कि उस पर ऐसा आरोप लगाया गया है जिसके बारे में उसे खुद जानकारी नहीं थी।

परिवार का कहना है कि उनके घर में शराब का कोई माहौल नहीं है और बच्चा शराब या बीयर के बारे में भी नहीं जानता।

कोऑर्डिनेटर ने फोन कर मां को स्कूल बुलाया

मां के अनुसार, 29 अगस्त को करीब पौने 11 बजे स्कूल की कोऑर्डिनेटर कुलविंदर कौर का फोन आया। उन्होंने कथित तौर पर मां से तुरंत स्कूल पहुंचने को कहा और बताया कि उनके बेटे ने स्कूल में “बड़ा ब्लंडर” किया है।

मां का आरोप है कि स्कूल पहुंचने के बाद उन्हें बच्चे पर शराब की बोतल लाने की बात बताई गई। परिवार ने इस आरोप पर आपत्ति जताई और कहा कि बच्चे के घर में ऐसा कोई वातावरण नहीं है।

मां के मुताबिक, बातचीत के दौरान प्रिंसिपल ने भी बच्चे को शराब की बोतल लाने को लेकर सवाल किए और उसे टीसी देने की बात कही।

थप्पड़ मारने और कान खींचने का भी आरोप

बच्चे की मां ने आरोप लगाया कि स्कूल की कोऑर्डिनेटर ने बच्चे को बाहर बुलाकर उसके साथ मारपीट की। उनका दावा है कि बच्चे को थप्पड़ मारे गए और कान खींचे गए।

मां ने यह भी आरोप लगाया कि बच्चे को डराने के लिए उसके माता-पिता के नाम लेकर धमकाया गया। उनका कहना है कि इस घटना के बाद बच्चा काफी डर गया था।

परिवार ने स्कूल परिसर में लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग और कथित वीडियो दिखाने की मांग भी की। मां का दावा है कि घटना स्कूल के CCTV कैमरों में रिकॉर्ड हुई होगी, लेकिन स्कूल प्रशासन ने कथित तौर पर वीडियो बनाने की बात से इनकार किया।

परिवार ने कई अधिकारियों से की शिकायत

मां का कहना है कि उन्होंने मामले को लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय, शिक्षा मंत्री, पुलिस अधिकारियों, चाइल्ड वेलफेयर कमेटी और जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में शिकायत भेजी है।

परिवार का आरोप है कि शिकायत करने के बाद स्कूल प्रबंधन ने बच्चे को सस्पेंशन लेटर जारी कर दिया। इसके बाद परिवार को DSP कार्यालय भी बुलाया गया, जहां स्कूल प्रबंधन और उनके वकील के साथ बातचीत हुई।

स्कूल प्रबंधन का पक्ष सामने नहीं आया

फिलहाल इस पूरे मामले में स्कूल प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। बच्चे की मां द्वारा लगाए गए मारपीट और उत्पीड़न के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि भी अभी नहीं हुई है।

मामले की जांच जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि छात्र पर लगाए गए आरोपों और उसके साथ कथित व्यवहार के संबंध में वास्तविक स्थिति क्या थी।

DEO ने कहा- जांच के बाद होगी कार्रवाई

जिला शिक्षा अधिकारी परमजीत ने बताया कि परिवार की ओर से 11 सितंबर को शिकायत प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है और जांच की जा रही है।

DEO के अनुसार, जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी।

नोट: बच्चे की मां द्वारा लगाए गए आरोप जांच के अधीन हैं। स्कूल प्रबंधन का पक्ष और जांच के अंतिम निष्कर्ष सामने आने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।

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