Punjab Power Crisis: बिजली संकट खत्म होने में लगेंगे 2 दिन, केंद्र से 1000 MW मांग; इंडस्ट्री में बढ़े पावर कट
जालंधर: पंजाब में बढ़ते बिजली संकट के बीच राज्य के बिजली मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद ने कहा है कि स्थिति सामान्य होने में अभी करीब दो दिन लग सकते हैं। चंडीगढ़ में शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार केंद्र के लगातार संपर्क में है और केंद्रीय पूल से पर्याप्त बिजली नहीं मिलने के कारण संकट गहरा गया है।
मंत्री ने दावा किया कि पंजाब के पास कोयले और बिजली खरीदने के लिए फंड की कमी नहीं है। उनके मुताबिक, समस्या का एक बड़ा कारण केंद्रीय पूल से कम बिजली मिलना और कुछ निजी थर्मल प्लांटों में उत्पादन प्रभावित होना है।
केंद्र से 1000 मेगावाट अतिरिक्त बिजली की मांग
तरुणप्रीत सिंह सौंद ने बताया कि पंजाब को केंद्र से करीब 2,800 मेगावाट बिजली का हिस्सा मिलना था, लेकिन फिलहाल लगभग 800 मेगावाट कम बिजली मिल रही है। पीक डिमांड के समय यह कमी करीब 1,000 मेगावाट तक पहुंच रही है।
मंत्री के अनुसार, केंद्रीय पूल में उपलब्ध बिजली सीमित है और देशभर में मांग काफी ज्यादा है। उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार ने इस संकट से निपटने के लिए केंद्रीय बिजली मंत्री मनोहर लाल खट्टर को पत्र लिखकर 1,000 मेगावाट बिजली उपलब्ध कराने की मांग की है।
साथ ही कोल इंडिया से भी कोयले की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है।
निजी थर्मल प्लांटों की यूनिटों में खराबी
मंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार के अपने थर्मल प्लांटों के लिए कोयला उनकी अपनी खदानों से आ रहा है और राज्य के पास कोयले की कमी नहीं है। दूसरी ओर, निजी थर्मल प्लांटों को कोल इंडिया से कोयला मिलता है और वहां कोयले की उपलब्धता प्रभावित हुई है।
उन्होंने बताया कि निजी प्लांटों की तीन यूनिटों में तकनीकी खराबी आई थी। इनमें से एक यूनिट को ठीक कर दिया गया है, जबकि दो यूनिट अभी बंद हैं। सरकार की ओर से इन प्लांटों पर दबाव बनाया जा रहा है और उम्मीद जताई गई है कि अगले 24 से 48 घंटे में दोनों यूनिटें दोबारा शुरू हो सकती हैं।
इंडस्ट्री में बढ़े बिजली कट
बिजली संकट का सीधा असर पंजाब के औद्योगिक क्षेत्रों पर पड़ा है। PSPCL ने कैटेगरी-2 फीडरों पर दोबारा बिजली कट लगाया है। शनिवार को शाम करीब 4:30 बजे से रात 12 बजे तक बिजली आपूर्ति प्रभावित रहने से राज्य की बड़ी संख्या में फैक्ट्रियों के संचालन पर असर पड़ा।
इससे पहले शुक्रवार रात भी कैटेगरी-2 फीडरों पर रात 8 बजे से सुबह 6 बजे तक बिजली कट लगाए गए थे।
उद्योगों में लंबे पावर कट से उत्पादन प्रभावित होने के साथ-साथ कामगारों और कारोबारियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पंजाब में बिजली की मांग 16,619 मेगावाट पहुंची
राज्य में बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है। शुक्रवार को पंजाब में बिजली की डिमांड 16,619 मेगावाट तक पहुंच गई, जो इस सीजन में रिकॉर्ड स्तर बताया गया है।
इसी दौरान राजपुरा थर्मल प्लांट की 700 मेगावाट क्षमता वाली यूनिट नंबर-1 तकनीकी खराबी के चलते बंद हो गई। इससे पहले इसी प्लांट की 700 मेगावाट की यूनिट नंबर-2 भी बंद थी।
थर्मल और हाइडल यूनिटों के बंद रहने से करीब 1,915 मेगावाट बिजली उत्पादन प्रभावित होने की बात सामने आई है।
उद्योग, शहर और गांवों में अलग-अलग कट
बिजली संकट के चलते राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों में बिजली कट लगाने पड़े। रिपोर्ट के अनुसार, उद्योगों में करीब सवा चार घंटे, जिला मुख्यालयों में 3 से 4 घंटे और ग्रामीण इलाकों में करीब एक घंटे तक बिजली कटौती की गई।
वहीं कृषि क्षेत्र को भी करीब 5 से 6 घंटे ही बिजली उपलब्ध हो सकी।
जालंधर में आधी रात को लोगों का प्रदर्शन
लंबे बिजली कट से परेशान जालंधर के इंडस्ट्रियल एरिया के लोगों ने शुक्रवार देर रात सोढल चौक पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने करीब साढ़े 11 बजे रास्ता रोककर सरकार और PSPCL के खिलाफ नारेबाजी की।
लोगों का आरोप था कि शाम करीब 7 बजे से अगले दिन सुबह 6 बजे तक लगातार 10 से 11 घंटे तक बिजली कट लगाए जा रहे हैं। उनका कहना था कि बिजली न होने के कारण पानी की सप्लाई भी प्रभावित हो रही है और रात में लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
मंत्री बोले- संकट पर राजनीति हो रही
बिजली मंत्री ने विपक्ष और अन्य आलोचकों पर बिजली संकट को लेकर राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कोयले और सरकार के पास फंड की कमी को लेकर गलत जानकारी फैलाई जा रही है।
मंत्री के मुताबिक, पंजाब के पास निजी बिजली खरीदने के लिए करीब 2,000 करोड़ रुपये उपलब्ध हैं। ऐसे में उनके अनुसार मुख्य समस्या पैसा नहीं बल्कि केंद्रीय पूल में पर्याप्त बिजली की उपलब्धता और कुछ बिजली उत्पादन इकाइयों का प्रभावित होना है।
सरकार को उम्मीद है कि बंद पड़ी निजी थर्मल यूनिटों के शुरू होने और केंद्र से अतिरिक्त बिजली मिलने के बाद अगले 24 से 48 घंटों में स्थिति में सुधार आएगा।

