चंडीगढ़ में SIR के बाद 56 हजार मतदाता घटे, अंतिम सूची में 4.60 लाख वोटर

चंडीगढ़ में SIR के बाद 56 हजार से ज्यादा मतदाता कम, ड्राफ्ट के बाद 9,927 नाम जुड़े; अंतिम सूची में 4.60 लाख वोटर

चंडीगढ़: नगर निगम चुनाव से पहले चंडीगढ़ की मतदाता सूची में बड़ा बदलाव हुआ है। विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मंगलवार को अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी गई। अंतिम आंकड़ों के मुताबिक चंडीगढ़ में अब कुल 4,60,209 मतदाता दर्ज हैं।

SIR से पहले मतदाता सूची में 5,16,427 वोटर थे। इस लिहाज से अंतिम सूची में कुल 56,218 मतदाताओं की कमी दर्ज हुई है। चुनाव विभाग ने इस प्रक्रिया के दौरान घर-घर जाकर मतदाताओं के विवरण का सत्यापन कराया था।

चंडीगढ़ में SIR के तहत घर-घर सत्यापन का अभियान 15 जून से 14 जुलाई तक चलाया गया था। (Voter List)

ड्राफ्ट सूची के बाद 9,927 मतदाता बढ़े

21 जुलाई को जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची में चंडीगढ़ में 4,50,282 मतदाता दर्ज थे। इसके बाद लोगों को दावे और आपत्तियां दाखिल करने का मौका दिया गया।

इन दावों और आपत्तियों के निपटारे के बाद अंतिम सूची में 9,927 मतदाताओं की शुद्ध बढ़ोतरी हुई। इसके बावजूद SIR से पहले के 5.16 लाख से अधिक मतदाताओं के मुकाबले अंतिम संख्या काफी कम रही।

अंतिम सूची में 2.34 लाख पुरुष मतदाता

अंतिम मतदाता सूची के अनुसार चंडीगढ़ में:

  • पुरुष मतदाता: 2,34,516
  • महिला मतदाता: 2,25,671
  • थर्ड जेंडर मतदाता: 22
  • कुल मतदाता: 4,60,209

इस तरह पुरुष और महिला मतदाताओं के बीच अंतर भी पहले की तुलना में नए आंकड़ों के आधार पर देखा जाएगा।

SIR के दौरान 66 हजार से ज्यादा फॉर्म नहीं मिले

चुनाव विभाग के मुताबिक SIR के दौरान कुल 5,16,427 पंजीकृत मतदाताओं को सत्यापन प्रक्रिया में शामिल किया गया था। इनमें से करीब 4.50 लाख एन्यूमरेशन फॉर्म प्राप्त होकर डिजिटाइज किए गए, जबकि 66,146 फॉर्म कई प्रयासों के बावजूद प्राप्त नहीं हुए।

ऐसे मामलों में बूथ लेवल अधिकारियों ने सत्यापन के दौरान मतदाताओं के बारे में अलग-अलग कारण दर्ज किए थे। इनमें स्थायी रूप से दूसरी जगह चले जाना, घर पर नहीं मिलना, मृत्यु और डुप्लीकेट रिकॉर्ड जैसे मामले शामिल थे।

43 हजार से ज्यादा मतदाता स्थायी रूप से स्थानांतरित मिले

सत्यापन के दौरान 66,146 ऐसे मामलों में जिनके फॉर्म प्राप्त नहीं हुए, करीब 43,724 मतदाता स्थायी रूप से दूसरी जगह स्थानांतरित पाए गए।

इसके अलावा 12,568 मतदाता घर पर अनुपस्थित मिले। लगभग 3,535 रिकॉर्ड मृत मतदाताओं से जुड़े पाए गए, जबकि 2,590 प्रविष्टियां डुप्लीकेट बताई गईं। बाकी मामलों में अन्य कारण दर्ज किए गए।

SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को अपडेट करना और उसमें मौजूद गलत, डुप्लीकेट या स्थानांतरित मतदाताओं की पहचान करना था।

35 वार्डों में बदल सकती है मतदाता संरचना

चंडीगढ़ नगर निगम में कुल 35 वार्ड हैं। ऐसे में नई अंतिम मतदाता सूची के बाद प्रत्येक वार्ड की मतदाता संख्या और संरचना भी नए सिरे से सामने आएगी।

वार्डवार आंकड़ों से यह पता चलेगा कि SIR के दौरान किस क्षेत्र में कितने नाम हटे और कितने नए मतदाता सूची में शामिल किए गए। नगर निगम चुनाव की तैयारियों के लिहाज से यह आंकड़े राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों के लिए महत्वपूर्ण होंगे।

दिसंबर में प्रस्तावित हैं नगर निगम चुनाव

चंडीगढ़ में नगर निगम चुनाव दिसंबर में प्रस्तावित हैं। ऐसे में SIR के बाद जारी अंतिम मतदाता सूची चुनावी प्रक्रिया के लिए महत्वपूर्ण आधार बनेगी।

चुनाव विभाग ने पहले भी मतदाताओं को अपने नाम और विवरण की जांच करने तथा किसी गलती की स्थिति में निर्धारित प्रक्रिया के तहत दावा या सुधार आवेदन करने की जानकारी दी थी।

 

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