लुधियाना नगर निगम में AI से शिकायतों का निपटारा, एक घंटे में अधिकारी तक पहुंचेगी शिकायत
लुधियाना: शहरवासियों की समस्याओं के समाधान के लिए लुधियाना नगर निगम अपने कामकाज को डिजिटल बनाने की दिशा में कदम उठा रहा है। निगम कमिश्नर कार्यालय में ‘सूचित नगर निगम’ नाम का नया डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार किया गया है। इसके जरिए लोगों की लिखित शिकायतों और ईमेल को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी।
प्रस्तावित सिस्टम के तहत शिकायत मिलने के एक घंटे के भीतर उसे संबंधित फील्ड अधिकारी तक भेजने का लक्ष्य रखा गया है। इससे शिकायतों को अलग-अलग कार्यालयों और शाखाओं तक पहुंचाने में लगने वाला समय कम होने की उम्मीद है।
स्कैन होते ही डिजिटल फाइल में बदलेगी शिकायत
नई व्यवस्था में कमिश्नर कार्यालय में मिलने वाली लिखित शिकायत को कर्मचारी हाई-स्पीड स्कैनर से स्कैन करेगा। इसके बाद AI तकनीक दस्तावेज को टेक्स्ट यानी वर्ड फाइल में बदल देगी।
सॉफ्टवेयर शिकायत में दर्ज समस्या और संबंधित क्षेत्र के आधार पर तय करेगा कि उसे किस अधिकारी के पास भेजना है। इसके बाद शिकायत की डिजिटल फाइल संबंधित विभाग के फील्ड अधिकारी को भेजी जाएगी। इसकी दूसरी प्रति नगर निगम के इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) तक पहुंचेगी।
ईमेल के जरिए मिलने वाली शिकायतों को भी इसी सिस्टम से संबंधित विभाग तक भेजने की योजना है।
कार्रवाई की फोटो और रिपोर्ट अपलोड करना जरूरी
इस डिजिटल प्लेटफॉर्म की एक अहम विशेषता शिकायत के निस्तारण का रिकॉर्ड रखना होगा। संबंधित अधिकारी को कार्रवाई के बाद मौके की तस्वीर और अपनी एक्शन-टेकन रिपोर्ट सिस्टम पर अपलोड करनी होगी।
शिकायतों की स्थिति कमिश्नर अपने डैशबोर्ड पर देख सकेंगे। इससे यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि किस अधिकारी के पास कितनी शिकायतें लंबित हैं और किन मामलों में कार्रवाई पूरी हुई है।
शिकायतकर्ता से फीडबैक लेने की व्यवस्था भी इसमें शामिल होगी। इससे केवल कागजों में शिकायत का निपटारा दिखाने के बजाय वास्तविक कार्रवाई और नागरिक की संतुष्टि पर ध्यान देने में मदद मिल सकती है।
ज्यादा शिकायतों वाले वार्ड डैशबोर्ड पर होंगे हाइलाइट
सिस्टम के जरिए नगर निगम के अलग-अलग वार्डों में लंबित शिकायतों की स्थिति भी देखी जा सकेगी। जिन वार्डों में शिकायतें अधिक लंबित होंगी, उन्हें डैशबोर्ड पर लाल रंग से हाइलाइट करने की योजना है।
कमिश्नर यह देख सकेंगे कि किस अधिकारी को कितनी शिकायतें सौंपी गईं और उनका समाधान तय समय में हुआ या नहीं। इस रिकॉर्ड का इस्तेमाल अधिकारियों के कामकाज की समीक्षा और जवाबदेही तय करने में किया जा सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारियों की एसीआर और भविष्य की जिम्मेदारियां तय करने में भी प्रदर्शन संबंधी रिकॉर्ड को ध्यान में रखा जा सकता है।
अगले चरण में मोबाइल पर मिलेगी शिकायत की लाइव ट्रैकिंग
नगर निगम कमिश्नर ओजस्वी अलंकार के अनुसार, ‘सूचित नगर निगम’ का उद्देश्य शिकायतों को बिना अनावश्यक देरी के सही अधिकारी तक पहुंचाना और कार्रवाई की निगरानी करना है। उनके मुताबिक, सिस्टम का ट्रायल सफल रहा है और इसे अगले सप्ताह लागू करने की योजना है।
परियोजना के दूसरे चरण में आम नागरिकों के लिए लाइव ट्रैकिंग की सुविधा शुरू करने का प्रस्ताव है। इसके जरिए लोग अपने मोबाइल फोन से देख सकेंगे कि उनकी शिकायत किस अधिकारी के पास है और उस पर क्या कार्रवाई हुई है।
नई व्यवस्था लागू होने और इसके सभी फीचर शुरू होने के बाद शिकायतों की निगरानी, अधिकारियों की जवाबदेही और नगर निगम के कामकाज में पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है।

