Punjab School Mid-Day Meal: स्कूलों में बदला मिड-डे मील का मेन्यू, 31 अक्टूबर तक मिलेगा ये खाना
चंडीगढ़: पंजाब के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को दिए जाने वाले मिड-डे मील का नया साप्ताहिक मेन्यू जारी किया गया है। प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण (पीएम पोषण) योजना के तहत यह मेन्यू 31 अक्टूबर 2026 तक लागू रहेगा। शिक्षा विभाग ने सभी स्कूल प्रमुखों को निर्धारित मेन्यू के अनुसार विद्यार्थियों को भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
सोमवार से शनिवार तक मिलेगा अलग-अलग भोजन
विभाग की ओर से जारी निर्देशों के मुताबिक, विद्यार्थियों को सप्ताह के अलग-अलग दिनों में निर्धारित भोजन दिया जाएगा। साप्ताहिक मेन्यू इस प्रकार है:
- सोमवार: माह-चने की दाल और रोटी
- मंगलवार: राजमा-चावल और खीर
- बुधवार: काले या सफेद चने, आलू के साथ, और पूरी या रोटी
- गुरुवार: आलू-प्याज के पकौड़ों वाली कढ़ी और चावल
- शुक्रवार: मौसमी सब्जी और रोटी
- शनिवार: साबुत माह की दाल, चावल और मौसमी फल
निर्देशों के अनुसार, सप्ताह में किसी एक दिन विद्यार्थियों को मीठे के रूप में खीर भी दी जाएगी।
कतार में बैठाकर भोजन कराने के निर्देश
शिक्षा विभाग ने कहा है कि विद्यार्थियों को कतार में बैठाकर मिड-डे मील इंचार्ज की निगरानी में भोजन कराया जाए। स्कूलों को यह सुनिश्चित करना होगा कि खाना निर्धारित मेन्यू के अनुसार ही तैयार किया जाए और सभी संबंधित निर्देशों का पालन हो।
यदि किसी स्कूल में तय मेन्यू के अनुसार भोजन नहीं बनता या निर्देशों का उल्लंघन होता है, तो इसकी जिम्मेदारी स्कूल प्रमुख की होगी।
‘तिथि भोजन’ के तहत विशेष भोजन की व्यवस्था
विभाग ने ‘तिथि भोजन’ पहल को भी प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत गांव के सरपंच, दानदाता और अन्य गणमान्य लोग किसी विशेष दिन, त्योहार या कार्यक्रम के अवसर पर विद्यार्थियों को नियमित दोपहर के भोजन के साथ विशेष पकवान, फल या मिठाई उपलब्ध कराने में सहयोग कर सकते हैं।
स्कूल प्रमुखों को निर्देशों का पालन करने के आदेश
जिला शिक्षा अधिकारी (सेकेंडरी) ने सभी स्कूल प्रमुखों को जारी निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने को कहा है। नए मेन्यू का उद्देश्य विद्यार्थियों को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार नियमित भोजन उपलब्ध कराना है।
यह मेन्यू 31 अक्टूबर 2026 तक लागू रहने की जानकारी दी गई है। इसके बाद विभाग की ओर से जारी होने वाले नए निर्देशों के अनुसार आगे की व्यवस्था की जाएगी।

