AAP विधायक पठान माजरा को हाईकोर्ट से जमानत, बठिंडा जेल से रिहा होने के बाद बोले- सभी केस झूठे
बठिंडा: आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक पठान माजरा को न्यायालय से राहत मिलने के बाद बठिंडा जेल से रिहा कर दिया गया। उनकी रिहाई के बाद समर्थकों में उत्साह देखने को मिला और बड़ी संख्या में लोग उनका स्वागत करने पहुंचे।
जेल से बाहर आने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए पठान माजरा ने अपने ऊपर दर्ज मामलों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप सही नहीं हैं और उन्हें गलत तरीके से कानूनी मामलों में उलझाया गया। उन्होंने अपनी रिहाई को न्याय और सच्चाई की जीत करार दिया।
मामलों को बताया बेबुनियाद
पठान माजरा ने कहा कि उनके खिलाफ दर्ज विभिन्न मामलों में जांच एजेंसियों को कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला। उन्होंने विशेष रूप से खनन से जुड़े मामले का उल्लेख करते हुए दावा किया कि जांच के दौरान उनके खिलाफ कोई मजबूत गवाही सामने नहीं आई।
हालांकि, मामलों की कानूनी प्रक्रिया अभी भी न्यायालय के समक्ष विचाराधीन है और अंतिम फैसला अदालत द्वारा ही सुनाया जाएगा।
विकास कार्यों को लेकर भी जताई नाराजगी
मीडिया से बातचीत में विधायक ने अपने विधानसभा क्षेत्र के विकास कार्यों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि वह लगातार अपने क्षेत्र के विकास के लिए आवाज उठाते रहे हैं, लेकिन पर्याप्त संसाधन और फंड उपलब्ध नहीं होने के कारण कई योजनाएं प्रभावित हुईं।
उनका कहना था कि जनहित से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए ताकि क्षेत्र के लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
एक वर्ष जेल में रहने का किया जिक्र
पठान माजरा ने कहा कि उन्होंने लगभग एक वर्ष जेल में बिताया, लेकिन इस दौरान उनके खिलाफ कोई आरोप साबित नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि यदि किसी को उनके कामकाज या गतिविधियों को लेकर कोई संदेह था तो बातचीत के माध्यम से भी स्थिति स्पष्ट की जा सकती थी।
उन्होंने अपनी ईमानदारी और सार्वजनिक जीवन में पारदर्शिता का उल्लेख करते हुए कहा कि भविष्य में भी वह लोगों की सेवा के लिए कार्य करते रहेंगे।
आगे की रणनीति पर जल्द फैसला
रिहाई के बाद विधायक ने कहा कि सबसे पहले वह धार्मिक स्थल पर जाकर मत्था टेकेंगे और उसके बाद अपने समर्थकों तथा सहयोगियों से मुलाकात करेंगे। उन्होंने संकेत दिया कि आगे की राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियों को लेकर जल्द निर्णय लिया जाएगा।
पठान माजरा की रिहाई को पंजाब की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है, जिस पर विभिन्न राजनीतिक दलों और नेताओं की नजर बनी हुई है

