₹13 लाख रिश्वत मामले में विजिलेंस इंस्पेक्टर ओ.पी. राणा 5 दिन के रिमांड पर, CBI की जांच तेज
चंडीगढ़: पंजाब विजिलेंस से जुड़े कथित रिश्वतखोरी मामले में जांच एजेंसी सीबीआई ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। मामले में गिरफ्तार इंस्पेक्टर ओ.पी. राणा को अदालत में पेश किए जाने के बाद पांच दिन के अतिरिक्त रिमांड पर भेज दिया गया है। जांच एजेंसी अब मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं की गहन पड़ताल कर रही है।
सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान मिले तथ्यों और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर जांच का दायरा और व्यापक हो सकता है।
मोबाइल डेटा की जांच में जुटी CBI
जांच एजेंसी आरोपी के मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की विस्तृत जांच कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि डिजिटल डेटा से मामले से जुड़े संपर्कों, बातचीत और अन्य महत्वपूर्ण तथ्यों की जानकारी मिल सकती है।
इसी आधार पर एजेंसी विभिन्न व्यक्तियों और अधिकारियों के साथ आरोपी के कथित संपर्कों की भी जांच कर रही है।
विजिलेंस में लंबे समय तक रही तैनाती
जांच के दौरान सीबीआई यह भी पता लगा रही है कि आरोपी ने अपने सेवा काल में किन-किन अधिकारियों के साथ काम किया और विभिन्न पदों पर उसकी भूमिका क्या रही। जांच एजेंसी प्रशासनिक रिकॉर्ड और सेवा संबंधी दस्तावेजों का भी अध्ययन कर रही है।
सूत्रों के मुताबिक, कुछ नियुक्तियों और तैनाती से जुड़े पहलुओं को भी जांच के दायरे में शामिल किया गया है।
अदालत में पेश किए गए पक्ष
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष की ओर से आरोपी की गतिविधियों और मौजूदगी से जुड़े कुछ दस्तावेज अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए गए। वहीं जांच एजेंसी ने मामले की गंभीरता और चल रही जांच का हवाला देते हुए आगे पूछताछ की आवश्यकता बताई।
अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपी को अतिरिक्त रिमांड पर भेज दिया।
क्या है पूरा मामला?
मामला एक शिकायत के आधार पर शुरू हुई जांच से जुड़ा बताया जा रहा है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि एक लंबित मामले के निपटारे के लिए कथित रूप से रिश्वत की मांग की गई थी।
जांच एजेंसी द्वारा प्रारंभिक सत्यापन और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर मामला दर्ज किया गया, जिसके बाद आगे की कार्रवाई शुरू की गई।
कई पहलुओं की हो रही जांच
सीबीआई फिलहाल कथित वित्तीय लेन-देन, संपर्कों की श्रृंखला, दस्तावेजी साक्ष्य और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच कर रही है। एजेंसी यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि मामले में और कौन-कौन से व्यक्ति या पक्ष जुड़े हो सकते हैं।
जांच जारी, अंतिम निष्कर्ष बाकी
जांच एजेंसियों द्वारा की जा रही कार्रवाई अभी प्रारंभिक और मध्य चरण में है। ऐसे मामलों में आरोपों की पुष्टि न्यायिक और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही होती है।
फिलहाल सीबीआई मामले की विभिन्न कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई है और आने वाले दिनों में जांच से जुड़े नए तथ्य सामने आ सकते हैं।
पंजाब विजिलेंस से जुड़े कथित ₹13 लाख रिश्वत मामले में इंस्पेक्टर ओ.पी. राणा को अदालत ने 5 दिन के अतिरिक्त रिमांड पर भेज दिया है। सीबीआई डिजिटल रिकॉर्ड, संपर्कों और वित्तीय लेन-देन से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है।

