चंडीगढ़ में मेडिकल स्टोर पर ताबड़तोड़ फायरिंग, कैशियर की मौत
चंडीगढ़: शहर के सेक्टर-11 स्थित पीजीआई के पास शनिवार दोपहर एक मेडिकल स्टोर में हुई ताबड़तोड़ फायरिंग से इलाके में दहशत फैल गई। दो हमलावर ग्राहक बनकर दुकान में घुसे और कुछ ही सेकेंड में कैशियर पर गोलियां बरसा दीं। इस हमले में मेडिकल स्टोर के कैशियर जानकी दास की मौत हो गई।
मृतक की पहचान हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के रोहड़ू निवासी जानकी दास (45) के रूप में हुई है। घटना के बाद पूरे इलाके को पुलिस ने घेर लिया और जांच शुरू कर दी है।
ग्राहक बनकर पहुंचे हमलावर
सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, दो युवक चेहरे पर मास्क और सिर पर टोपी पहनकर मेडिकल स्टोर में दाखिल हुए। दोनों करीब 21 सेकेंड तक काउंटर के पास खड़े रहे और आसपास का माहौल देखते रहे। इसके बाद उन्होंने काउंटर की आड़ में अपने हथियार लोड किए।
कुछ ही पलों बाद एक हमलावर ने कैशियर जानकी दास पर ऑटोमैटिक हथियार से ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। पुलिस के मुताबिक, करीब एक सेकेंड में 13 राउंड फायर किए गए। वारदात के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए।
तीसरा आरोपी बाहर बाइक पर इंतजार करता रहा
पुलिस के अनुसार, हमले में कुल तीन आरोपी शामिल थे। दो हमलावर दुकान के अंदर गए, जबकि तीसरा आरोपी बाइक पर बाहर खड़ा रहा। सभी ने अपनी पहचान छिपाने के लिए मास्क और टोपी पहन रखी थी।
फायरिंग के बाद जब आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें पकड़ने की कोशिश की तो आरोपियों ने हवा में भी फायरिंग की और फरार हो गए।
गोल्डी ढिल्लों और राणा ढिल्लों ग्रुप ने ली जिम्मेदारी
घटना के बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हुई, जिसमें राणा ढिल्लों और गोल्डी ढिल्लों ग्रुप ने इस वारदात की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है। पोस्ट में धमकी भरे संदेश भी लिखे गए हैं।
हालांकि, पुलिस ने अभी तक इस वायरल पोस्ट की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और इसकी जांच की जा रही है।

रंगदारी और गैंगवार के एंगल से जांच
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मेडिकल स्टोर के मालिक को पहले भी कथित तौर पर गैंगस्टरों की ओर से धमकियां मिल चुकी थीं और उन्हें सुरक्षा भी प्रदान की गई थी।
प्रारंभिक जांच में इस वारदात को रंगदारी और गैंगवार के एंगल से जोड़कर देखा जा रहा है। पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और आरोपियों की पहचान करने का प्रयास कर रही है।
चंद कदम दूर था पुलिस नाका
जिस मेडिकल स्टोर में फायरिंग हुई, वहां से कुछ ही दूरी पर पुलिस का स्थायी नाका मौजूद था। पास में पीजीआई अस्पताल होने के कारण इस बाजार में हमेशा लोगों की आवाजाही रहती है। इसके बावजूद हमलावर वारदात को अंजाम देकर फरार होने में सफल रहे।
पुलिस को आरोपियों की इस्तेमाल की गई बाइक सेक्टर-10 की लेजर वैली के पास लावारिस हालत में मिली है। इसके आधार पर आगे की जांच की जा रही है।
पुलिस ने पूरे शहर में की नाकाबंदी
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, क्राइम ब्रांच, डिस्ट्रिक्ट क्राइम सेल और ऑपरेशन सेल की टीमें मौके पर पहुंच गईं। पूरे शहर में नाकाबंदी कर दी गई है और विभिन्न टीमों को आरोपियों की तलाश में लगाया गया है।
पुलिस का कहना है कि मामले के हर पहलू की गहन जांच की जा रही है और आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने के प्रयास जारी हैं।

