चंडीगढ़ में रैपिडो का लाइसेंस बहाल, 30 हजार ड्राइवरों को राहत; 2 महीने तक निगरानी करेगा प्रशासन

चंडीगढ़: चंडीगढ़ में बाइक टैक्सी और कैब सेवा देने वाली कंपनी रैपिडो को बड़ी राहत मिली है। स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (STA) ने कंपनी का लाइसेंस बहाल कर दिया है। सितंबर में नियमों के कथित उल्लंघन के चलते रैपिडो का लाइसेंस 6 महीने के लिए निलंबित कर दिया गया था। अब इस फैसले को रद्द करते हुए कंपनी को दोबारा कामकाज शुरू करने की अनुमति दी गई है। इससे कंपनी से जुड़े करीब 30 हजार ड्राइवरों और उनके परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है।

नियमों के उल्लंघन के आरोप में निलंबित हुआ था लाइसेंस

चंडीगढ़ प्रशासन ने सितंबर में रैपिडो का लाइसेंस 6 महीने के लिए निलंबित किया था। कंपनी पर निर्धारित किराया नियमों का पालन नहीं करने और तय दरों से अधिक किराया वसूलने जैसे आरोप लगाए गए थे। इसके अलावा, निरीक्षण के दौरान कंपनी का रजिस्टर्ड कार्यालय बंद मिलने और बिना कमर्शियल परमिट वाले वाहनों का इस्तेमाल करने की शिकायतें भी सामने आई थीं।

कंपनी पर ड्राइवरों को हेल्थ इंश्योरेंस, टर्म इंश्योरेंस और जरूरी ट्रेनिंग उपलब्ध नहीं कराने के आरोप भी लगाए गए थे। इन्हीं मामलों को आधार बनाकर प्रशासन ने लाइसेंस निलंबित करने की कार्रवाई की थी।

रैपिडो ने आदेश के खिलाफ दायर की थी अपील

लाइसेंस निलंबित होने के बाद रैपिडो ने सेक्रेटरी ट्रांसपोर्ट एवं अपीलेट अथॉरिटी के समक्ष अपील दायर की। कंपनी ने दलील दी कि 6 महीने के लिए लाइसेंस निलंबित करना अत्यधिक सख्त कार्रवाई है। इससे कंपनी के साथ काम करने वाले लगभग 30 हजार ड्राइवरों की आजीविका प्रभावित हो सकती है। इसका असर उनके परिवारों पर भी पड़ सकता है।

अपीलेट अथॉरिटी ने इन आधारों पर बहाल किया लाइसेंस

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सेक्रेटरी ट्रांसपोर्ट एवं अपीलेट अथॉरिटी दिप्रावा लाकरा (IAS) ने निलंबन का आदेश रद्द कर लाइसेंस बहाल करने के निर्देश दिए।

फैसले में कई पहलुओं पर विचार किया गया। इनमें 6 महीने के निलंबन को सख्त कार्रवाई माना जाना, आदेश जारी होने के बाद 45 दिन से अधिक समय बीत जाना और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) के दिशानिर्देशों के तहत नॉन-ट्रांसपोर्ट वाहनों के इस्तेमाल से संबंधित नियमों में संशोधन की प्रक्रिया जारी होना शामिल था।

इसके साथ ही रैपिडो ने चंडीगढ़ प्रशासन के मोटर व्हीकल एग्रीगेटर नियम, 2025 का पूरी तरह पालन करने का आश्वासन दिया। इन तथ्यों पर विचार करने के बाद अथॉरिटी ने कंपनी का लाइसेंस बहाल करने का फैसला लिया।

अगले 2 महीने तक प्रशासन की निगरानी में रहेगा कामकाज

लाइसेंस बहाल होने के बावजूद रैपिडो को सभी नियमों का पालन करना होगा। चंडीगढ़ स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी अगले 2 महीने तक कंपनी के कामकाज की निगरानी करेगी।

इस दौरान निर्धारित किराया दरों, ड्राइवरों के बीमा, रजिस्टर्ड कार्यालय के संचालन और अन्य लागू नियमों के अनुपालन की जांच की जाएगी। कंपनी को प्रशासन की ओर से तय सभी शर्तों को पूरा करना होगा।

लाइसेंस बहाल होने से रैपिडो को चंडीगढ़ में दोबारा सेवाएं जारी रखने का रास्ता मिल गया है। हालांकि, अगले दो महीने की निगरानी के दौरान कंपनी के नियमों के पालन पर प्रशासन की नजर रहेगी।

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