चंडीगढ़ की सरकारी कोठी और IAS अधिकारी के घर ED की रेड, GMADA केस में 26 से ज्यादा ठिकानों पर कार्रवाई
चंडीगढ़/लुधियाना: पंजाब में ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMADA) से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई दूसरे दिन भी जारी रही। एजेंसी ने दिल्ली, चंडीगढ़, पंचकूला, मोहाली और लुधियाना में 26 से अधिक ठिकानों पर तलाशी और सर्वे की कार्रवाई की। यह जांच तिरुपति इंफ्राप्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड और उससे जुड़ी कंपनियों से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की जा रही है।
ED की कार्रवाई के दायरे में GMADA का मुख्यालय, पंजाब के हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट विभाग से जुड़े कार्यालय और कुछ अधिकारियों के आवास भी शामिल रहे। चंडीगढ़ में पूर्व GMADA चीफ एडमिनिस्ट्रेटर IAS अधिकारी राजीव गुप्ता के आवास पर भी तलाशी की जानकारी सामने आई है।
GMADA मुख्यालय में रिकॉर्ड और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की जांच
मोहाली के फेज-8 स्थित GMADA कार्यालय में ED की टीमों ने दस्तावेज और रिकॉर्ड खंगाले। रिपोर्टों के मुताबिक एजेंसी ने बिल्डिंग के कम से कम तीन फ्लोर को सील किया और कुछ वरिष्ठ अधिकारियों के मोबाइल फोन तथा कार्यालय के कंप्यूटर भी अपने कब्जे में लिए। कई वरिष्ठ अधिकारियों से पूछताछ किए जाने की भी जानकारी सामने आई है।
कार्रवाई का फोकस कथित तौर पर जमीन अधिग्रहण, लैंड यूज बदलने की मंजूरी, प्राइवेट रियल एस्टेट कंपनियों को मिले संभावित लाभ और GMADA की संपत्तियों की नीलामी से जुड़े रिकॉर्ड पर है।
तिरुपति इंफ्रा और दो मोहाली साइटों से जुड़ी जांच
ED के अनुसार तिरुपति इंफ्राप्रोजेक्ट्स से जुड़े प्रमोटर रेमिगेट बिल्डएस्टेट्स और एमबी इंफ्राबिल्ड जैसी कंपनियों से भी जांच जुड़ी है। एजेंसी का आरोप है कि इन कंपनियों ने GMADA की दो प्रमुख नीलामी वाली साइटें हासिल कीं और बाद में अथॉरिटी को देय रकम में उन्हें बड़ी वित्तीय राहत मिली।
जांच एजेंसी के मुताबिक इस प्रक्रिया से संबंधित कथित अनुचित लाभ और सरकारी खजाने को संभावित नुकसान का आंकड़ा 100 करोड़ रुपये से अधिक है। यह जांच एजेंसी के स्तर पर सामने आया अनुमान है और मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
कंसल्टेंसी कंपनी की भूमिका भी जांच के घेरे में
ED की जांच में टीला कंसल्टेंट्स एंड कॉन्ट्रैक्टर्स प्राइवेट लिमिटेड का नाम भी सामने आया है। यह कंपनी GMADA से जुड़े विभिन्न कंसल्टेंसी कार्यों से जुड़ी रही है। एजेंसी इस बात की जांच कर रही है कि कथित अनियमितताओं में कंपनी की क्या भूमिका रही।
तिरुपति इंफ्रा पर पहले से भी जांच
तिरुपति इंफ्राप्रोजेक्ट्स पहले से ही दिल्ली के पश्चिम विहार स्थित रेडिसन ब्लू होटल प्रोजेक्ट से जुड़े करीब 290 करोड़ रुपये के कथित बैंक फ्रॉड मामले में CBI और ED की जांच के दायरे में है। मौजूदा कार्रवाई में भी कंपनी और उससे संबंधित संस्थाओं के वित्तीय लेन-देन और दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
GMADA के फैसलों और जमीन से जुड़े रिकॉर्ड की भी पड़ताल
ED की जांच में GMADA और अन्य विकास प्राधिकरणों से जुड़े कुछ पुराने फैसलों के रिकॉर्ड भी देखे जा रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार, एजेंसी विशेष रूप से जमीन के उपयोग में बदलाव, मोहाली और न्यू चंडीगढ़ में भूमि अधिग्रहण तथा निजी रियल एस्टेट कंपनियों से जुड़े फैसलों की पड़ताल कर रही है।
सरकारी कोठी और मंत्री के रिश्तेदार के घर पहुंचने की खबर
कार्रवाई के दौरान चंडीगढ़ की एक सरकारी कोठी में भी ED टीम के पहुंचने की जानकारी सामने आई है। वहीं, लुधियाना में पंजाब सरकार के मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां के रिश्तेदार के आवास पर टीम के पहुंचने की खबर भी सामने आई। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार इन परिसरों में कार्रवाई को GMADA से जुड़े व्यापक मनी लॉन्ड्रिंग जांच से जोड़ा जा रहा है; किसी व्यक्ति की भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष अभी सामने नहीं आया है।
राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू
ED की कार्रवाई के बाद पंजाब में राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया कि केंद्रीय जांच एजेंसियों की कार्रवाई के जरिए पंजाब के अधिकारियों पर दबाव बनाया जा रहा है और राज्य के विकास कार्य प्रभावित करने की कोशिश हो रही है। विपक्षी दलों ने दूसरी ओर सरकार और संबंधित प्रशासनिक फैसलों को लेकर सवाल उठाए हैं। ये राजनीतिक दलों के दावे और प्रतिक्रियाएं हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि जांच पूरी होने तक अलग विषय है।
फिलहाल ED की जांच जारी है। उपलब्ध रिपोर्टों में इस कार्रवाई के संबंध में किसी अंतिम निष्कर्ष या गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जांच आगे बढ़ने के साथ दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन की जांच से मामले की तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

