चंडीगढ़: पंजाब की रणजी क्रिकेट टीम के लिए खेल चुके पूर्व क्रिकेटर सतपाल उर्फ सत्तू की उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में पुलिस मुठभेड़ के दौरान मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, सत्तू लंबे समय से विभिन्न आपराधिक मामलों में वांछित था और कई राज्यों की कानून प्रवर्तन एजेंसियां उसकी तलाश कर रही थीं।
जानकारी के मुताबिक, सतपाल ने अपने शुरुआती दिनों में क्रिकेट के क्षेत्र में पहचान बनाई थी और पंजाब की रणजी टीम का हिस्सा रह चुका था। तेज गेंदबाज के रूप में उसे एक प्रतिभाशाली खिलाड़ी माना जाता था। हालांकि बाद के वर्षों में उसका नाम कई आपराधिक मामलों में सामने आया और वह खेल जगत से दूर हो गया।
कई मामलों में था वांछित
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, सतपाल उर्फ सत्तू पर रंगदारी, अपहरण, हत्या और संगठित अपराध से जुड़े कई गंभीर मामले दर्ज थे। जांच एजेंसियों के अनुसार वह लंबे समय से अपराध जगत में सक्रिय था और विभिन्न राज्यों में उसके खिलाफ केस दर्ज थे।
अस्पताल से फरार होने के बाद बढ़ी तलाश
बताया जा रहा है कि कुछ समय पहले वह सुरक्षा निगरानी के दौरान फरार हो गया था, जिसके बाद उसकी तलाश तेज कर दी गई थी। विभिन्न राज्यों की पुलिस और जांच एजेंसियां उसकी गतिविधियों पर नजर रखे हुए थीं।
मुजफ्फरनगर में हुई कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, मुजफ्फरनगर क्षेत्र में उसकी मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद कार्रवाई की गई। अधिकारियों का दावा है कि घेराबंदी के दौरान हुई मुठभेड़ में वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
क्रिकेट से अपराध तक का चर्चित सफर
सतपाल उर्फ सत्तू का जीवन अक्सर चर्चा का विषय रहा। एक समय क्रिकेट मैदान पर अपनी पहचान बनाने वाला यह खिलाड़ी बाद में आपराधिक गतिविधियों के कारण सुर्खियों में रहा। पुलिस का कहना है कि उसके खिलाफ कई गंभीर मामले लंबित थे और उसकी गतिविधियां कानून व्यवस्था के लिए चुनौती बनी हुई थीं।
फिलहाल, पुलिस पूरे मामले से जुड़े दस्तावेजी और कानूनी पहलुओं की प्रक्रिया पूरी कर रही है। वहीं, इस घटना के बाद पंजाब और चंडीगढ़ के खेल एवं सामाजिक हलकों में भी चर्चा का माहौल बना हुआ है।

