Hemkund Sahib Yatra 2026: 225 दिन बाद खुले कपाट, पहले दिन 6605 श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

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225 दिन बाद खुले श्री हेमकुंड साहिब के कपाट, जयकारों से गूंजा धाम

चमोली, उत्तराखंड:
सिखों के पवित्र तीर्थ Hemkund Sahib के कपाट शनिवार सुबह विधि-विधान और अरदास के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। करीब 225 दिनों बाद खुले इस धाम के ऐतिहासिक मौके पर देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु मौजूद रहे।

पहले दिन हजारों श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

कपाट खुलते ही

  • 6605 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए
  • 3000+ श्रद्धालु मौके पर मौजूद रहे
  • अब तक 67 हजार से ज्यादा रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं

पूरी घाटी “बोले सो निहाल, सत श्री अकाल” के जयकारों से गूंज उठी।

फूलों से सजा धाम, धार्मिक परंपराओं के साथ शुरुआत

धाम को लगभग 5 क्विंटल फूलों से सजाया गया।
पंच प्यारों की अगुवाई में पहला जत्था घांघरिया से कठिन चढ़ाई पूरी कर यहां पहुंचा।

गुरुद्वारा ट्रस्ट के अनुसार:

  • सचखंड से गुरु ग्रंथ साहिब को दरबार साहिब में स्थापित किया गया
  • शबद कीर्तन, अरदास और सुखमनी साहिब का पाठ हुआ

ऋषिकेश से रवाना हुआ था पहला जत्था

यात्रा का पहला जत्था Rishikesh से रवाना हुआ था, जो
गोविंदघाट → घांघरिया होते हुए तीन दिन में धाम पहुंचा।

यात्रा के दौरान लंगर, कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए।

कठिन यात्रा: 19 किमी ट्रेक और बर्फ से ढका रास्ता

हेमकुंड साहिब यात्रा को देश की सबसे कठिन धार्मिक यात्राओं में गिना जाता है:

  • 13 किमी ट्रेक: गोविंदघाट से घांघरिया
  • 6 किमी खड़ी चढ़ाई: घांघरिया से धाम
  • ऊंचाई: 4500 मीटर से अधिक

अभी भी कई जगहों पर भारी बर्फ जमी हुई है। सेना और प्रशासन ने रास्ता साफ कर यात्रा को सुरक्षित बनाया।

श्रद्धालुओं के लिए जरूरी सलाह

प्रशासन ने यात्रियों को चेतावनी दी है कि:

  • ऊंचाई पर ऑक्सीजन कम होती है
  • मौसम अचानक बदल सकता है
  • बुजुर्ग और बीमार लोग स्वास्थ्य जांच के बाद ही यात्रा करें

पिछले साल का रिकॉर्ड

पिछले यात्रा सीजन में लगभग 2.7 लाख श्रद्धालु हेमकुंड साहिब पहुंचे थे। इस साल भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।

यह यात्रा सिर्फ आस्था ही नहीं, बल्कि साहस और धैर्य की भी परीक्षा मानी जाती है—जहां हर कदम के साथ श्रद्धा और प्रकृति का अद्भुत संगम देखने को मिलता है।

 

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