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कसौली की पहाड़ियों में भड़की भीषण आग, राहत कार्य में जुटा MIG-17 हेलिकॉप्टर
Kasauli की पहाड़ियों में लगी भीषण जंगल की आग ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। आग तेजी से फैलने के कारण वन संपदा, वन्यजीवों और आसपास के रिहायशी इलाकों पर खतरा मंडरा रहा है। स्थिति को गंभीर देखते हुए भारतीय वायुसेना का Mil Mi-17 हेलिकॉप्टर राहत अभियान में लगाया गया है।
सुखना लेक से पानी भरकर चल रहा ऑपरेशन
आग बुझाने के लिए हेलिकॉप्टर Sukhna Lake से लगातार पानी भरकर कसौली के प्रभावित जंगलों में छिड़काव कर रहा है। प्रशासन और राहत एजेंसियां युद्धस्तर पर अभियान चला रही हैं ताकि आग को रिहायशी क्षेत्रों तक पहुंचने से रोका जा सके।
तेज गर्मी और सूखी वनस्पति बनी वजह
अधिकारियों के अनुसार:
- भीषण गर्मी
- सूखी झाड़ियां और वनस्पति
- तेज हवाएं
आग के तेजी से फैलने की मुख्य वजह हैं। मंगलवार दोपहर Solan जिले के मनोन जंगल क्षेत्र में लगी आग ने कुछ ही घंटों में विकराल रूप धारण कर लिया।
लाखों की वन संपदा जलकर राख
वन विभाग के मुताबिक आग से जंगल के बड़े हिस्से को भारी नुकसान पहुंचा है। हालांकि अब तक किसी व्यक्ति के घायल होने या मौत की सूचना नहीं है, लेकिन ग्रामीण इलाकों में दहशत का माहौल बना हुआ है।
रिहायशी इलाकों तक पहुंचने का खतरा
ग्रामीणों का कहना है कि आग तेजी से आबादी वाले इलाकों की ओर बढ़ रही थी। ऐसे में लोगों को अपने घरों और पशुओं की सुरक्षा की चिंता सताने लगी थी। दमकल विभाग और Forest Department की टीमें लगातार आग पर काबू पाने में जुटी हुई हैं।
चंडीगढ़ सेक्टर-53 में भी लगी आग
इसी बीच Chandigarh के सेक्टर-53 के जंगल क्षेत्र में भी आग लगने की घटना सामने आई। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और समय रहते आग पर काबू पा लिया गया।
प्रशासन का कहना है कि त्वरित कार्रवाई के कारण बड़ा नुकसान टल गया। हालांकि जंगलों में आग लगने से वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है।
प्रशासन की अपील
- जंगल क्षेत्रों में आग या धुएं की सूचना तुरंत प्रशासन को दें
- सूखी घास या जंगल में जलती वस्तुएं न फेंकें
- गर्मी के दौरान वन क्षेत्रों में अतिरिक्त सावधानी बरतें।

