Ludhiana Encounter: AGTF ने 2 गैंगस्टरों को मुठभेड़ में मार गिराया, 3 पिस्टल बरामद; ब्लड डोनेशन कैंप में टारगेट की थी तैयारी
लुधियाना में रविवार को एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) और गैंगस्टरों के बीच हुई मुठभेड़ में दो आरोपियों की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, दोनों संदिग्ध बाइक पर सवार होकर एक ब्लड डोनेशन कैंप में अपने कथित विरोधियों को निशाना बनाने जा रहे थे।
मुठभेड़ दोपहर करीब 3 बजे आत्मा पार्क के पास हुई। पुलिस का कहना है कि AGTF टीम ने जब दोनों को रोकने का प्रयास किया तो उन्होंने कथित तौर पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में दोनों गंभीर रूप से घायल हुए और उनकी मौत हो गई।
घटना की जानकारी मिलने के बाद लुधियाना के पुलिस कमिश्नर स्वपन शर्मा भी मौके पर पहुंचे। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए।
अमृतसर के रहने वाले थे दोनों आरोपी
पुलिस के मुताबिक, मारे गए आरोपियों की पहचान संदीप सिंह और करनजोत सिंह उर्फ नोना, दोनों निवासी अमृतसर के रूप में हुई है।
पुलिस का कहना है कि दोनों की गतिविधियों पर खुफिया इनपुट के आधार पर नजर रखी जा रही थी। जिस जगह मुठभेड़ हुई, वहां से संबंधित ब्लड डोनेशन कैंप करीब 900 मीटर की दूरी पर था।
ब्लड डोनेशन कैंप में विरोधियों को निशाना बनाने का आरोप
CP स्वपन शर्मा के अनुसार, AGTF को पहले से दोनों शूटरों के बारे में जानकारी मिली थी। पुलिस का दावा है कि दोनों कथित तौर पर विदेश में बैठे गैंगस्टर डोनी बल के संपर्क में थे।
पुलिस के मुताबिक, डोनी बल उन्हें निर्देश दे रहा था और कथित तौर पर टारगेट तथा हथियार उपलब्ध कराने में उसकी भूमिका थी। पुलिस ने इसे इंटर-गैंग राइवलरी यानी गैंगों के बीच वर्चस्व की लड़ाई से जुड़ा मामला बताया है।
CP के अनुसार, दोनों आरोपियों को रवि ख्वाजके की याद में आयोजित ब्लड डोनेशन कैंप में पहुंचकर विरोधी गैंग से जुड़े लोगों को निशाना बनाना था।
मुठभेड़ में 25 राउंड फायरिंग का दावा
पुलिस के मुताबिक, मुठभेड़ के दौरान दोनों तरफ से कुल 25 राउंड फायरिंग हुई। घटनास्थल से तीन 9 एमएम ऑटोमैटिक पिस्टल बरामद की गई हैं।
पुलिस का कहना है कि मुठभेड़ के समय हथियारों के चेंबर में गोलियां लोड थीं। मौके से मोबाइल फोन समेत अन्य सामान भी बरामद किया गया है।
दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस और फॉरेंसिक टीम मामले से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।
2016 की गैंगवार से जुड़ रहा मामला
पुलिस कमिश्नर ने इस घटनाक्रम को वर्ष 2016 में रविंदर सिंह उर्फ रवि ख्वाजके की हत्या और उससे जुड़े गैंगवार के संदर्भ से भी जोड़ा है।
रवि ख्वाजके की 20 फरवरी 2016 को गिल गार्डन में एक शादी समारोह के दौरान गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस के अनुसार, हमलावरों ने वारदात के बाद घटनास्थल पर कथित तौर पर जश्न भी मनाया था।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, इस हत्या के मामले में ख्वाजके गांव के नंबरदार हरपाल सिंह के बयान के आधार पर केस दर्ज किया गया था।
पुलिस की जांच जारी
फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि दोनों आरोपियों को कथित तौर पर किसने हथियार उपलब्ध कराए, उनके अन्य संपर्क कौन-कौन थे और प्रस्तावित हमले में और किन लोगों की भूमिका हो सकती थी।
पुलिस के दावों और बरामदगी के आधार पर मामले की आगे की जांच की जा रही है।
नोट: गैंगस्टरों से जुड़े आरोप और पुलिस द्वारा बताई गई भूमिका जांच का हिस्सा हैं। संबंधित तथ्यों का अंतिम निर्धारण कानूनी प्रक्रिया के अनुसार होगा।

