शहीद कर्नल मनप्रीत सिंह के नाम पर सड़क और पार्क, CM मान ने किया समर्पित; परिवार रहा मौजूद
मोहाली के न्यू चंडीगढ़ में शहीद कर्नल मनप्रीत सिंह की वीरता और बलिदान को सम्मान देते हुए एक सड़क और पार्क का नाम उनके नाम पर रखा गया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस मौके पर 200 फीट चौड़ी एचआर-2 रोड को ‘शहीद कर्नल मनप्रीत सिंह मार्ग’ और सेक्टर-5ए के एक पार्क को ‘शहीद कर्नल मनप्रीत सिंह पार्क’ के रूप में समर्पित किया।
इस कार्यक्रम में कर्नल मनप्रीत सिंह के परिवार के सदस्य भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने परिवार से मुलाकात कर शहीद के बलिदान को नमन किया।
‘शहीद देश का गौरव हैं’
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि देश के लिए अपना जीवन न्योछावर करने वाले शहीद पूरे देश का गौरव हैं। पंजाब सरकार शहीदों और उनके परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है।
उन्होंने कहा कि कर्नल मनप्रीत सिंह का साहस, समर्पण और देश के प्रति बलिदान आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा। उनके नाम पर सड़क और पार्क का नामकरण उनकी बहादुरी को हमेशा याद रखने की दिशा में एक कदम है।
अनंतनाग मुठभेड़ में हुए थे शहीद
कर्नल मनप्रीत सिंह 13 सितंबर 2023 को जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में आतंकियों के साथ हुई मुठभेड़ में शहीद हुए थे। उस समय वह 19 राष्ट्रीय राइफल्स के कमांडिंग ऑफिसर के रूप में तैनात थे।
मुठभेड़ के दौरान उन्होंने अदम्य साहस का परिचय दिया और देश की सुरक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। उनकी वीरता और बलिदान को देखते हुए केंद्र सरकार ने उन्हें मरणोपरांत 15 अगस्त 2024 को कीर्ति चक्र से सम्मानित किया था।
2005 में भारतीय सेना में हुए थे शामिल
मुख्यमंत्री के अनुसार, कर्नल मनप्रीत सिंह का जन्म वर्ष 1982 में गांव भड़ौंजियां में हुआ था। उनकी शुरुआती और उच्च शिक्षा मोहाली तथा चंडीगढ़ में हुई।
पिता के नक्शेकदम पर चलते हुए उन्होंने वर्ष 2005 में भारतीय सेना में अधिकारी के तौर पर सेवा शुरू की। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका सैन्य जीवन देश के प्रति समर्पण और निस्वार्थ सेवा का उदाहरण है।
शहीद परिवारों के लिए 1 करोड़ रुपये की सहायता
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पंजाब सरकार देश की एकता और अखंडता की रक्षा करने वाले सेना, अर्धसैनिक बल, पुलिस और अग्निवीरों के योगदान को सम्मान देती है।
उन्होंने कहा कि ड्यूटी के दौरान किसी जवान की शहादत होने पर पंजाब सरकार शहीद परिवार को 1 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करती है। सरकार का उद्देश्य केवल तत्काल आर्थिक मदद देना नहीं, बल्कि शहीद परिवार के भविष्य को सुरक्षित बनाने में भी सहयोग करना है।
शिक्षा व्यवस्था में सुधार का भी जिक्र
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पंजाब सरकार की शिक्षा संबंधी पहलों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
मान ने दावा किया कि सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी JEE, NEET और अन्य महत्वपूर्ण प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने शिक्षा को पंजाब के विकास की अहम कड़ी बताया।
कार्यक्रम में लोकसभा सांसद मालविंदर सिंह कंग और आम आदमी पार्टी के हलका इंचार्ज परविंदर सिंह गोल्डी समेत अन्य लोग मौजूद रहे।

