पंजाब के 19 हजार सरकारी स्कूलों में मेगा PTM, शिक्षा मंत्री बोले- अब पहली पसंद बन रहे सरकारी विद्यालय

पंजाब के 19 हजार सरकारी स्कूलों में मेगा PTM, शिक्षा मंत्री बोले- अब पहली पसंद बन रहे सरकारी विद्यालय

चंडीगढ़: पंजाब सरकार ने राज्य के सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता और अभिभावकों की भागीदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक बड़े स्तर पर मेगा अभिभावक-शिक्षक मिलन (PTM) का आयोजन किया। राज्यभर के 19 हजार से अधिक सरकारी स्कूलों में आयोजित इस कार्यक्रम में लाखों अभिभावकों, विद्यार्थियों और शिक्षकों ने हिस्सा लिया।

सरकार के अनुसार, यह विशेष आयोजन शिक्षा क्षेत्र में राज्य की हालिया उपलब्धियों का जश्न मनाने और विद्यालयों तथा अभिभावकों के बीच संवाद को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।

छात्रों और शिक्षकों को किया गया सम्मानित

मेगा PTM के दौरान विभिन्न स्कूलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों, बोर्ड परीक्षा के मेधावी छात्रों, प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल करने वाले विद्यार्थियों तथा अन्य उपलब्धियां प्राप्त करने वाले छात्रों को सम्मानित किया गया। इसके साथ ही शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों को भी उनके योगदान के लिए प्रशंसा-पत्र और सम्मान प्रदान किए गए।

20 लाख से अधिक अभिभावकों की भागीदारी

शिक्षा विभाग के अनुसार, इस कार्यक्रम में राज्यभर से बड़ी संख्या में अभिभावकों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों की पढ़ाई, ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान सीखने की निरंतरता, सकारात्मक दिनचर्या और शैक्षणिक विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई।

अभिभावकों को बच्चों के सर्वांगीण विकास में उनकी भूमिका और विद्यालयों के साथ बेहतर समन्वय बनाए रखने के महत्व के बारे में भी जानकारी दी गई।

शिक्षकों को दिया गया विशेष प्रशिक्षण

कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए शिक्षकों और स्कूल प्रमुखों को पहले से प्रशिक्षण प्रदान किया गया था। शिक्षा विभाग ने डिजिटल माध्यमों और विशेष प्रशिक्षण सत्रों के जरिए स्कूल प्रबंधन को आयोजन की रूपरेखा और उद्देश्यों से अवगत कराया।

स्कूल प्रबंधन समितियों और सहयोगी स्टाफ ने भी कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

सरकारी स्कूलों की बदलती तस्वीर

शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि पंजाब के सरकारी स्कूलों में लगातार सुधार देखने को मिल रहा है। उन्होंने दावा किया कि राज्य में सरकारी विद्यालय अब केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि कई परिवारों की पहली पसंद बनते जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों के संयुक्त प्रयासों से शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव संभव हुआ है। शिक्षा मंत्री ने इस उपलब्धि को राज्य की शिक्षा व्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव बताया।

सहभागी शिक्षा मॉडल पर जोर

सरकार का मानना है कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए केवल विद्यालय ही नहीं, बल्कि अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी भी आवश्यक है। इसी सोच के तहत मेगा PTM जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से स्कूलों और परिवारों के बीच बेहतर संवाद स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है।

शिक्षा विभाग का कहना है कि भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे ताकि विद्यार्थियों के शैक्षणिक और व्यक्तिगत विकास को और अधिक मजबूती मिल सके।

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