Punjab News: मोगा के सरकारी स्कूल में प्रिंसिपल पर छात्राओं से छेड़छाड़ के आरोप, पुलिस हिरासत में; जांच जारी

मोगा के सरकारी स्कूल में छात्राओं ने प्रिंसिपल पर छेड़छाड़ के आरोप लगाए, पुलिस ने हिरासत में लेकर शुरू की जांच

मोगा: पंजाब के मोगा जिले के एक सरकारी स्कूल में छात्राओं द्वारा स्कूल प्रिंसिपल पर छेड़छाड़ और अनुचित व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए जाने के बाद हड़कंप मच गया। मामले की जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी प्रिंसिपल को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है।

छात्राओं ने लगाए अनुचित व्यवहार के आरोप

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, स्कूल की कक्षा 6 से 12 तक की करीब 12 छात्राओं ने प्रिंसिपल पर कथित रूप से छेड़छाड़ और अनुचित तरीके से स्पर्श (Inappropriate Touch) करने के आरोप लगाए हैं।

परिजनों का कहना है कि एक छात्रा ने घर पहुंचकर पूरी घटना बताई, जिसके बाद अन्य अभिभावक भी स्कूल पहुंचे। बातचीत के दौरान कई अन्य छात्राओं ने भी इसी तरह के आरोप लगाए।

विरोध करने पर धमकी देने का भी आरोप

छात्राओं का आरोप है कि जब उन्होंने प्रिंसिपल के व्यवहार का विरोध किया तो उन्हें परीक्षा में फेल करने की धमकी दी गई। इसी डर की वजह से वे लंबे समय तक इस बारे में खुलकर कुछ नहीं बता सकीं।

स्कूल पहुंचे अभिभावक, पुलिस ने लिया हिरासत में

घटना की जानकारी मिलने के बाद बड़ी संख्या में अभिभावक स्कूल पहुंच गए और आरोपी प्रिंसिपल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और प्रिंसिपल को हिरासत में लेकर सदर थाना ले गई।

पुलिस ने छात्राओं और उनके अभिभावकों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

पुलिस ने कहा- जांच के बाद होगी कार्रवाई

सदर थाना के एसएचओ हरविंदर सिंह ने बताया कि आरोपी प्रिंसिपल को हिरासत में लिया गया है। छात्राओं और उनके परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

प्रिंसिपल ने आरोपों से किया इनकार

दूसरी ओर, आरोपी प्रिंसिपल ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि उन्होंने कोई गलत हरकत नहीं की और उनका उद्देश्य केवल अभिभावक की तरह बच्चों को समझाना था। उन्होंने किसी भी अनुचित मंशा से इनकार किया है।

नोट: इस मामले में लगाए गए आरोप छात्राओं और उनके परिजनों के बयानों पर आधारित हैं। पुलिस जांच जारी है और अभी तक किसी अदालत द्वारा आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है। आरोपी को कानून के तहत दोषी साबित होने तक निर्दोष माना जाएगा।

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