पंजाब CM के OSD राजबीर घुम्मन के 6 करीबियों से CBI पूछताछ करेगी

CM के OSD राजबीर घुम्मन के 6 करीबियों से CBI करेगी पूछताछ, आज बुलाया

भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच तेज, नितिन और जितिन गोहल पहली बार होंगे शामिल; घुम्मन से सोमवार को दोबारा पूछताछ की तैयारी

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (OSD) राजबीर सिंह घुम्मन से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने जांच तेज कर दी है। एजेंसी ने घुम्मन के करीबी माने जाने वाले छह लोगों को 18 अक्टूबर को पूछताछ के लिए बुलाया है। इनमें नितिन गोहल, जितिन गोहल, बीर दविंदर सिंह, रोमी महाजन, पुष्पिंदर चहल और सतिंदर सिंह के नाम शामिल हैं।

इससे पहले CBI राजबीर घुम्मन से करीब छह घंटे तक पूछताछ कर चुकी है। रिपोर्ट के मुताबिक, उनसे लगभग 40 सवाल पूछे गए थे। घुम्मन ने पूछताछ के बाद मामले को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया था। उन्होंने कहा था कि वह जांच में सहयोग करेंगे और एजेंसी के बुलाने पर पेश होते रहेंगे।

गोहल बंधु पहली बार पूछताछ में होंगे शामिल

मामले में नितिन गोहल और जितिन गोहल पहली बार CBI की पूछताछ में शामिल होंगे। वहीं, बीर दविंदर सिंह के पिता से एजेंसी पहले ही पूछताछ कर चुकी है।

बीर दविंदर सिंह आम आदमी पार्टी के युवा विंग के उपाध्यक्ष बताए जाते हैं। वह पार्टी की ओर से जिला परिषद का चुनाव भी लड़ चुके हैं।

CBI की पूछताछ का उद्देश्य मामले से जुड़े कथित लेन-देन, सरकारी कामकाज में हस्तक्षेप और अन्य आरोपों के संबंध में जानकारी जुटाना है। हालांकि, जांच में नाम आने या पूछताछ के लिए बुलाए जाने का मतलब आरोप साबित होना नहीं है।

हाईकोर्ट के आदेश पर CBI ने दर्ज किया केस

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश के बाद CBI ने 5 अक्टूबर को कथित भ्रष्टाचार के मामले में एफआईआर दर्ज की थी। इसमें राजबीर सिंह घुम्मन, नितिन गोहल, जितिन गोहल उर्फ राजा, रोमी राजा महाजन, आरएस नागरा और अन्य अज्ञात सरकारी व निजी अधिकारियों के नाम शामिल बताए गए हैं।

जांच एजेंसी पंजाब सरकार के 15 से अधिक विभागों की फाइलों और 22 से ज्यादा अधिकारियों के तबादलों से जुड़े रिकॉर्ड की पड़ताल कर रही है। जांच का दायरा सरकारी नियुक्तियों, तबादलों, नीतिगत फैसलों और मंजूरियों से जुड़े कथित अनियमितताओं तक फैला हुआ है।

ED की जांच से सामने आया था मामला

इस मामले की पृष्ठभूमि प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच से जुड़ी है। रिपोर्ट के मुताबिक, जुलाई और अगस्त 2026 में ED ने पंजाब के पुलिस महानिदेशक को तीन पत्र भेजकर मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के आरोपों में एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी।

ED ने आरोप लगाया था कि सरकारी अधिकारियों के तबादलों, टेंडर, जमीन से जुड़े मामलों, भूमि उपयोग परिवर्तन (CLU) और अन्य सरकारी मंजूरियों में कथित तौर पर प्रभाव का इस्तेमाल किया गया।

नितिन गोहल को कथित बिचौलिया बताया गया

ED के मुताबिक, नितिन गोहल की भूमिका सरकारी काम कराने के इच्छुक लोगों और मुख्यमंत्री के OSD राजबीर घुम्मन के बीच कथित संपर्क सूत्र के रूप में सामने आई थी।

एजेंसी ने व्हाट्सऐप चैट और अन्य डिजिटल साक्ष्य मिलने का दावा भी किया था। इन कथित साक्ष्यों में तबादलों, नीतिगत फैसलों, टेंडर और सरकारी दस्तावेजों तक पहुंच से संबंधित बातचीत का उल्लेख बताया गया है।

ED ने नितिन गोहल से जुड़े ठिकानों पर तलाशी के दौरान दस्तावेज और डिजिटल सामग्री मिलने की बात कही थी। एजेंसी ने 20.98 लाख रुपये नकद बरामद होने का दावा भी किया था। इन दावों की कानूनी जांच जारी है।

जमीन और रियल एस्टेट से जुड़े पहलुओं की भी जांच

मामले में GMADA की जमीन, प्रॉपर्टी लेन-देन, CLU और रियल एस्टेट से जुड़े कथित अनियमितताओं की भी जांच की जा रही है। ED की जांच में सरकारी मंजूरियों और जमीन से जुड़े मामलों में कथित प्रभाव के इस्तेमाल की आशंका जताई गई थी।

इन आरोपों के आधार पर हाईकोर्ट ने CBI को एफआईआर दर्ज कर जांच करने का निर्देश दिया था। अदालत ने एजेंसी को दो महीने के भीतर स्टेटस रिपोर्ट पेश करने को भी कहा था।

पंजाब सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दी चुनौती

हाईकोर्ट के CBI जांच के आदेश के अगले दिन, 6 अक्टूबर को पंजाब सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (SLP) दाखिल कर आदेश को चुनौती दी थी।

इसके बाद 12 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने राजबीर घुम्मन को राहत देते हुए उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी। आदेश के अनुसार, CBI की एफआईआर के संबंध में उनके खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई नहीं की जानी थी। इस राहत का मतलब मामले में आरोपों पर अंतिम फैसला होना नहीं है।

अब छह लोगों से पूछताछ पर नजर

CBI की ओर से छह लोगों को पूछताछ के लिए बुलाए जाने के बाद जांच में आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। एजेंसी उनसे कथित संपर्कों, सरकारी कामकाज से जुड़े मामलों और उपलब्ध दस्तावेजों के संबंध में सवाल कर सकती है।

राजबीर घुम्मन से भी सोमवार को दोबारा पूछताछ किए जाने की बात रिपोर्ट में कही गई है। मामले में सभी आरोपों की सच्चाई जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।

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