पंजाब में किसानों को बड़ी राहत: बढ़ी फसली कर्ज सीमा, नई फसलों को भी मिलेगा लोन, जमीन कुर्की पर सख्त रुख
चंडीगढ़: पंजाब सरकार ने किसानों को राहत देने के उद्देश्य से किसान क्रेडिट और फसली ऋण व्यवस्था में व्यापक बदलावों की घोषणा की है। नई नीति के तहत कई फसलों की ऋण सीमा बढ़ाई गई है, नई कृषि एवं बागवानी फसलों को ऋण दायरे में शामिल किया गया है और किसानों के प्रति बैंकिंग व्यवहार को अधिक संवेदनशील बनाने पर जोर दिया गया है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत करना और खेती को अधिक लाभकारी बनाना है। इसी दिशा में पुराने ऋण ढांचे की समीक्षा कर उसे वर्तमान कृषि आवश्यकताओं के अनुरूप संशोधित किया गया है।
गेहूं और गन्ना किसानों को बड़ी राहत
नई व्यवस्था के तहत गेहूं की फसल के लिए प्रति एकड़ ऋण सीमा बढ़ाई गई है। इसके साथ ही गन्ना उत्पादक किसानों को भी बड़ी राहत दी गई है, जिनकी ऋण सीमा में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है।
सरकार का मानना है कि बढ़ती कृषि लागत को देखते हुए ऋण सीमा में वृद्धि आवश्यक थी ताकि किसानों को पर्याप्त वित्तीय सहायता मिल सके।
पराली प्रबंधन के लिए भी मिलेगा अतिरिक्त ऋण
पंजाब सरकार ने पहली बार पराली प्रबंधन को भी ऋण सहायता से जोड़ा है। किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के लिए अतिरिक्त वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है, जिससे पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ खेती को बढ़ावा मिल सके।
नई फसलों को भी मिला ऋण का लाभ
सरकार ने कई ऐसी फसलों और बागवानी परियोजनाओं को ऋण सुविधा में शामिल किया है, जो पहले इस दायरे से बाहर थीं। इनमें बांस, लेमन ग्रास, जामुन, पोपलर, ड्रैगन फ्रूट और चिया सीड जैसी फसलें शामिल हैं।
इसके अलावा लहसुन, प्याज और हाईब्रिड टमाटर जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों के लिए भी नई ऋण सीमाएं निर्धारित की गई हैं।
फसल विविधीकरण को मिलेगा बढ़ावा
विशेषज्ञों का मानना है कि नई नीति से किसानों को पारंपरिक फसलों से आगे बढ़कर वैकल्पिक और अधिक लाभदायक फसलों की ओर जाने का अवसर मिलेगा। इससे राज्य में फसल विविधीकरण को बढ़ावा मिलेगा और कृषि आय में सुधार की संभावना बढ़ेगी।
मत्स्य पालन क्षेत्र को भी लाभ
सरकार ने मत्स्य पालन क्षेत्र के लिए भी ऋण सीमा में बढ़ोतरी की है। इससे कृषि के साथ जुड़े सहायक व्यवसायों को बढ़ावा मिलेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
किसानों की जमीन कुर्की पर संवेदनशीलता की अपील
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की आर्थिक समस्याओं को देखते हुए बैंकों को संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार ने बैंकों से आग्रह किया है कि ऋण वसूली के मामलों में किसानों की भूमि या संपत्ति को कुर्क करने जैसे कठोर कदमों से बचा जाए और वैकल्पिक समाधान तलाशे जाएं।
उन्होंने यह भी कहा कि किसानों को सम्मानजनक व्यवहार मिलना चाहिए और किसी भी प्रकार की कार्रवाई से पहले मानवीय पहलुओं को ध्यान में रखा जाना चाहिए।
कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने की दिशा में कदम
सरकार का दावा है कि नई ऋण नीति किसानों की जरूरतों के अनुरूप तैयार की गई है और इससे खेती, बागवानी तथा कृषि आधारित अन्य गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा। आने वाले समय में इसका सकारात्मक प्रभाव राज्य के कृषि क्षेत्र पर देखने को मिल सकता है।

