Punjab News: LADC नीति के विरोध में 16वें दिन भी अदालतों में ‘नो वर्क’, पंजाब के वकीलों का आंदोलन जारी

पंजाब में वकीलों का आंदोलन तेज, 16वें दिन भी अदालतों में ‘नो वर्क’; LADC नीति वापस लेने की मांग

लुधियाना: लीगल एड डिफेंस काउंसिल (LADC) नीति के विरोध में पंजाब भर के अधिवक्ताओं का आंदोलन लगातार जारी है। पंजाब बार एसोसिएशनों की ज्वाइंट एक्शन कमेटी (JAC) के आह्वान पर गुरुवार को भी लगातार 16वें दिन ‘नो वर्क’ रहा। इसके चलते जिला अदालतों में न्यायिक कार्य लगभग पूरी तरह प्रभावित रहा और बड़ी संख्या में मामलों की सुनवाई स्थगित करनी पड़ी।

तीसरे दिन भी जारी रही क्रमिक भूख हड़ताल

लुधियाना में सीजेएम कोर्ट के निकट स्थित चैंबर कॉम्प्लेक्स में क्रमिक भूख हड़ताल तीसरे दिन भी जारी रही। धरना स्थल पर बड़ी संख्या में अधिवक्ता एकत्र हुए और LADC नीति के विरोध में नारेबाजी करते हुए सरकार से इसे तत्काल वापस लेने की मांग की।

वकीलों का कहना है कि यह आंदोलन अधिवक्ताओं के सम्मान, बार की स्वायत्तता और न्याय व्यवस्था की स्वतंत्रता की रक्षा के लिए किया जा रहा है।

चंडीगढ़ बैठक भी रही बेनतीजा

इस बीच चंडीगढ़ में पंजाब की विभिन्न बार एसोसिएशनों के अध्यक्षों और सचिवों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सभी प्रतिनिधियों ने एक स्वर में LADC नीति वापस लेने की मांग दोहराई।

बताया गया कि सरकार की ओर से कोई ठोस या सकारात्मक आश्वासन नहीं मिलने के बाद सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि नीति वापस होने तक पूरे पंजाब में ‘नो वर्क’ और क्रमिक भूख हड़ताल जारी रहेगी।

बार एसोसिएशन ने दी आंदोलन जारी रखने की चेतावनी

डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन, लुधियाना के अध्यक्ष विपिन सग्गर ने कहा कि जब तक राज्य और केंद्र सरकार की ओर से लिखित एवं संतोषजनक आश्वासन नहीं मिलता, तब तक आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा।

वहीं, बार एसोसिएशन के सचिव हिमांशु वालिया ने कहा कि यह संघर्ष केवल अधिवक्ताओं का नहीं, बल्कि न्याय व्यवस्था की गरिमा और आम नागरिकों के हितों से भी जुड़ा हुआ है।

अदालतों का कामकाज प्रभावित

लगातार जारी ‘नो वर्क’ के कारण पंजाब की जिला अदालतों में न्यायिक कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। अधिकांश मामलों की सुनवाई टल रही है, जिससे वादकारियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

फिलहाल वकीलों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक LADC नीति पर सरकार कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लेती, तब तक उनका आंदोलन और विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।

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