पंजाब में 100 माइनिंग साइट्स शुरू करने की तैयारी, नई पॉलिसी के तहत 5 साल के लिए होगी नीलामी
मोहाली | Punjabi Doordarshan
पंजाब सरकार ने राज्य के लोगों को सस्ते दामों पर रेत और बजरी उपलब्ध करवाने और माइनिंग सेक्टर को पारदर्शी बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने 100 माइनिंग साइट्स की नीलामी की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जो जल्द ही पूरी की जाएगी।
यह नीलामी ऑनलाइन माध्यम से CRMS और LMS पोर्टल के जरिए की जाएगी, ताकि योग्य कारोबारियों को समान अवसर मिल सके और राज्य के राजस्व की सुरक्षा सुनिश्चित हो।
नई माइनिंग नीति से होगा बड़ा बदलाव
माइनिंग मंत्री वरिंदर कुमार गोयल ने बताया कि नई नीति के तहत बोली प्रक्रिया से सरकार और जनता दोनों को फायदा हुआ है और माइनिंग कार्यों में तेजी आएगी।
माइनिंग पॉलिसी में किए गए मुख्य बदलाव
नई पॉलिसी के तहत माइनिंग साइट्स की नीलामी में कई अहम सुधार किए गए हैं:
- 🔹 ऑनलाइन बोली प्रक्रिया लागू
- 🔹 रॉयल्टी पहले जमा करानी होगी, जिससे सरकार को स्थिर आय मिलेगी
- 🔹 पर्यावरण मंजूरी की जिम्मेदारी बोलीदाता की होगी
- 🔹 डेड रेंट का प्रावधान, ताकि सट्टेबाजी रोकी जा सके
- 🔹 नीलामी अवधि 3 साल से बढ़ाकर 5 साल कर दी गई
पहले की वॉल्यूम-आधारित प्रणाली में कई खामियां थीं, जिससे राजस्व में कमी और माइनिंग साइट शुरू होने में देरी होती थी। नई नीति से इन समस्याओं का समाधान किया गया है।
पहली नीलामी से मिले 11.61 करोड़ रुपये
सरकार ने अक्टूबर-नवंबर में 29 नई कॉमर्शियल माइनिंग साइट्स (CMS) की ऑनलाइन नीलामी की, जिनमें से 16 साइटों पर सफल बोली लगी और सरकार को 11.61 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।
यह पिछले तीन वर्षों में राज्य की पहली माइनिंग नीलामी रही, जिसे सरकार बड़ी सफलता मान रही है।
सरकार का कहना है कि आने वाले महीनों में माइनिंग सेक्टर में पारदर्शिता, रोजगार और राजस्व—तीनों में बड़ा इजाफा देखने को मिलेगा।

