पंजाब के 4 जिलों से गायब हुए मानसूनी बादल, अगले कुछ दिन कमजोर रहेगा मानसून
पंजाब डेस्क: पंजाब में मानसून की रफ्तार एक बार फिर धीमी पड़ती नजर आ रही है। ताजा सैटेलाइट तस्वीरों के अनुसार राज्य के कुछ हिस्सों में बादलों की सक्रियता बनी हुई है, जबकि दक्षिण-पश्चिम पंजाब के कई जिलों से मानसूनी बादल लगभग गायब हो गए हैं। मौसम विभाग का अनुमान है कि 18 जुलाई तक मानसून की गतिविधियां कमजोर रह सकती हैं।
इन जिलों में दिख रहे घने बादल
सैटेलाइट इमेज के मुताबिक पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर और हिमाचल प्रदेश से सटे क्षेत्रों में बादलों की अच्छी मौजूदगी बनी हुई है। इसके अलावा जालंधर, लुधियाना, कपूरथला और नवांशहर में भी बादलों की पट्टी दिखाई दे रही है।
बठिंडा, मानसा और फाजिल्का में बादलों की कमी
वहीं बठिंडा, मानसा, श्री मुक्तसर साहिब और फाजिल्का में मानसूनी बादल काफी कम नजर आए हैं। हालांकि मंगलवार सुबह मोहाली और जालंधर में तेज बारिश दर्ज की गई, लेकिन इसके बाद मानसून की गतिविधियां फिर धीमी हो गईं।
18 जुलाई तक कमजोर रह सकता है मानसून
मौसम विभाग के अनुसार 13 से 18 जुलाई के बीच पंजाब में मानसून अपेक्षाकृत कमजोर रह सकता है। पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहा, जबकि सीमावर्ती और पहाड़ी इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। कमजोर मानसून के कारण लोगों को उमस और गर्मी का सामना करना पड़ सकता है।
चंडीगढ़ में हल्की बारिश के आसार
चंडीगढ़ में दिनभर आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार एक-दो बार हल्की बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। फिलहाल शहर के लिए किसी प्रकार का मौसम अलर्ट जारी नहीं किया गया है।
हिमाचल में सामान्य से 40% अधिक बारिश
इस बीच, पड़ोसी राज्य हिमाचल प्रदेश में जुलाई के शुरुआती दिनों में सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 1 से 12 जुलाई के बीच राज्य में सामान्यतः 85.6 मिमी बारिश होती है, जबकि इस बार 119.6 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई है। यानी अब तक सामान्य से करीब 40 प्रतिशत अधिक बारिश हो चुकी है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में मानसून की गतिविधियों में बदलाव संभव है। लोगों को मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा अपडेट पर नजर रखने और मौसम के अनुसार आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

