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भारतीय खेल जगत को बड़ा झटका, राजा रणधीर सिंह का निधन
Raja Randhir Singh का निधन हो गया है। वह पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री Amarinder Singh के चचेरे भाई थे। उनके निधन की जानकारी खुद कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सोशल मीडिया पर साझा की।
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भावुक संदेश में लिखा कि उनके भाई राजा रणधीर सिंह अब इस दुनिया में नहीं रहे। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना भी की।
भारतीय शूटिंग को दिलाया पहला एशियाई स्वर्ण
राजा रणधीर सिंह भारतीय निशानेबाजी के इतिहास में एक बेहद अहम नाम रहे। उन्होंने वर्ष 1978 के बैंकॉक एशियाई खेलों में ट्रैप शूटिंग में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा था। वह एशियन गेम्स में शूटिंग में गोल्ड मेडल जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बने थे।
उनकी इस उपलब्धि ने भारतीय शूटिंग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई।
5 ओलंपिक में किया भारत का प्रतिनिधित्व
राजा रणधीर सिंह ने 1968 से 1984 तक लगातार पांच ओलंपिक खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने:
- 1968 मेक्सिको ओलंपिक
- 1972 म्यूनिख ओलंपिक
- 1976 मॉन्ट्रियल ओलंपिक
- 1980 मॉस्को ओलंपिक
- 1984 लॉस एंजिल्स ओलंपिक
में हिस्सा लिया।
खेल प्रशासक के रूप में भी निभाई अहम भूमिका
मैदान के बाहर भी उनका योगदान बेहद महत्वपूर्ण रहा। वह लंबे समय तक Indian Olympic Association के महासचिव रहे। इसके अलावा उन्होंने:
- अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) के सदस्य
- Olympic Council of Asia के अध्यक्ष
जैसे प्रतिष्ठित पदों पर भी काम किया।
भारतीय खेलों के विकास और खिलाड़ियों के हितों के लिए उनकी भूमिका को हमेशा याद किया जाएगा।
अर्जुन पुरस्कार से भी हुए सम्मानित
खेलों में उनके असाधारण योगदान को देखते हुए भारत सरकार ने उन्हें वर्ष 1979 में Arjuna Award से सम्मानित किया था।
खेल और राजनीतिक जगत में शोक
राजा रणधीर सिंह के निधन के बाद खेल, राजनीति और सामाजिक जगत में शोक की लहर है। कई खिलाड़ियों, खेल अधिकारियों और नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है।
उनके योगदान को भारतीय खेल इतिहास में हमेशा सम्मान के साथ याद किया जाएगा।

