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CM के बयान पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, याचिका पर सुनवाई से इनकार
मोहाली:
आवारा कुत्तों को लेकर दिए गए बयान पर पंजाब के मुख्यमंत्री Bhagwant Mann को घेरते हुए दाखिल याचिका पर Supreme Court of India ने सुनवाई से साफ इनकार कर दिया।
कोर्ट ने दो टूक कहा कि “क्या मुख्यमंत्री के बयान से हम अपना आदेश बदल देंगे?”
क्या था पूरा मामला?
याचिकाकर्ता का आरोप था कि CM ने अपने ट्वीट में सुप्रीम कोर्ट के आदेश को गलत तरीके से पेश किया और यह संदेश दिया कि आवारा कुत्तों को मारने की खुली छूट दे दी गई है।
लेकिन कोर्ट ने इस दलील को सुनने से ही मना कर दिया और याचिकाकर्ता को हाईकोर्ट जाने की सलाह दी।
कोर्ट की टिप्पणी ने किया साफ रुख
सुनवाई के दौरान बेंच में शामिल
- Vikram Nath
- Sandeep Mehta
ने कहा:
- यह मामला पहले ही हाईकोर्ट को सौंपा जा चुका है
- आदेश के पालन की जिम्मेदारी हाईकोर्ट की है
- CM के बयान के आधार पर सुप्रीम कोर्ट आदेश में बदलाव नहीं करेगा
सुप्रीम कोर्ट का असली आदेश क्या था?
कोर्ट ने अपने फैसले में साफ किया था:
- खतरनाक या रेबीज से संक्रमित कुत्तों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है
- जरूरत पड़ने पर यूथेनेशिया (दया मृत्यु) की अनुमति है
- लेकिन यह सब कानूनी नियमों (ABC Rules) के तहत ही होगा
- आम लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई
CM भगवंत मान ने क्या कहा था?
CM Bhagwant Mann ने ट्वीट कर कहा था कि:
- सरकार सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन करेगी
- सार्वजनिक जगहों से आवारा कुत्तों को हटाया जाएगा
- डॉग शेल्टर बनाए जाएंगे
- खतरनाक और बीमार कुत्तों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी
सीधी बात
👉 सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया कि
राजनीतिक बयान ≠ न्यायिक आदेश
👉 अब इस मामले की असली सुनवाई और कार्रवाई
हाईकोर्ट स्तर पर ही तय होगी

