तरनतारन में पाकिस्तानी ड्रोन बरामद, BSF के सर्च ऑपरेशन में खेतों से मिला; लोकल नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका
तरनतारन: भारत-पाकिस्तान सीमा के पास पंजाब के तरनतारन जिले में BSF के जवानों ने एक पाकिस्तानी ड्रोन बरामद किया है। यह ड्रोन नौशहरा ढाला गांव के नजदीक सीमावर्ती खेतों में पड़ा मिला। घटना के बाद पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि ड्रोन के जरिए किसी तरह की नशीले पदार्थों या हथियारों की खेप भारतीय सीमा में पहुंचाई जानी थी या इसका इस्तेमाल निगरानी के लिए किया जा रहा था।
नियमित गश्त के दौरान खेतों में मिला ड्रोन
जानकारी के मुताबिक, BSF की 115वीं बटालियन के कमांडर एस. खुगसोई के नेतृत्व में जवान नौशहरा ढाला गांव के पास सीमावर्ती इलाके में नियमित गश्त कर रहे थे।
इसी दौरान जवानों को खेतों में एक संदिग्ध ड्रोन दिखाई दिया। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जवानों ने तुरंत उसे अपने कब्जे में ले लिया और इसकी जानकारी उच्च अधिकारियों को दी।
प्रारंभिक जांच में आशंका जताई गई है कि ड्रोन पाकिस्तान की तरफ से भारतीय सीमा में दाखिल हुआ था। हालांकि, इसके इस्तेमाल का वास्तविक उद्देश्य अभी स्पष्ट नहीं हुआ है।
हेरोइन या हथियारों की खेप पहुंचाने की आशंका
सुरक्षा एजेंसियां इस बात की जांच कर रही हैं कि ड्रोन के जरिए भारतीय सीमा में हेरोइन, हथियार या अन्य प्रतिबंधित सामान गिराया जाना था या नहीं।
इसके साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि ड्रोन किस रास्ते से भारतीय क्षेत्र में आया और क्या इसके पीछे कोई स्थानीय नेटवर्क सक्रिय है। तकनीकी जांच के बाद ही ड्रोन की गतिविधियों और उसके इस्तेमाल को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
थाना सराय अमानत खां में FIR दर्ज
इस मामले में BSF अधिकारियों की शिकायत पर थाना सराय अमानत खां में केस दर्ज किया गया है। सब-इंस्पेक्टर मंगल सिंह ने केस नंबर 144 के तहत संबंधित धाराओं 25, 26 और 29 में कानूनी कार्रवाई शुरू की है।
पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं। आसपास के इलाकों में भी तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा बढ़ाई
सीमा पार से ड्रोन के जरिए नशीले पदार्थों और हथियारों की तस्करी के प्रयासों को देखते हुए BSF और पंजाब पुलिस सीमावर्ती क्षेत्रों में लगातार निगरानी रख रही हैं।
इस घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियां ड्रोन के संभावित रूट और स्थानीय संपर्कों की जानकारी जुटा रही हैं। जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि ड्रोन किस मकसद से भारतीय सीमा में आया था और इसके पीछे कोई तस्करी नेटवर्क सक्रिय है या नहीं।

