इटली भेजने के नाम पर ठगी का आरोप, आर्मीनिया में बेटी की मौत के बाद पिता ने भी गंवाई जान
तरनतारन: पंजाब के तरनतारन जिले के गांव लौहका में विदेश भेजने के नाम पर कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक परिवार ने अपनी बेटी को इटली भेजने के लिए एजेंटों को 3.50 लाख रुपये दिए, लेकिन उसे इटली के बजाय आर्मीनिया भेज दिया गया। वहां बीमारी के चलते युवती की मौत हो गई। इसके बाद पैसे वापस न मिलने से परेशान पिता ने कथित तौर पर जहरीली दवा पी ली, जिससे उनकी भी मौत हो गई। पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इटली भेजने का वादा कर आर्मीनिया भेजने का आरोप
पुलिस को दिए बयान में कुलवंत सिंह की पत्नी सरबजीत कौर ने बताया कि उनके पति गांव में फलों की दुकान चलाते थे। शिकायत के मुताबिक, पड़ोस में रहने वाली मनप्रीत कौर ने परिवार को विदेश भेजने की प्रक्रिया के बारे में बताया था। मनप्रीत की शादी किरतोवाल कलां निवासी रेशम सिंह से हुई है।
परिवार का आरोप है कि उनकी बेटी नगिता को इटली भेजने का भरोसा देकर 3 लाख 50 हजार रुपये लिए गए, लेकिन उसे इटली की जगह आर्मीनिया भेज दिया गया। वहां बीमार पड़ने के बाद युवती की मौत हो गई।
1.90 लाख रुपये लौटाने का वादा, 55 हजार ही मिले
शिकायतकर्ता के अनुसार, बेटी की मौत के बाद मनप्रीत कौर ने 1 लाख 90 हजार रुपये लौटाने का वादा किया था। इसमें से कथित तौर पर 55 हजार रुपये वापस किए गए, जबकि बाकी रकम नहीं लौटाई गई।
परिवार का आरोप है कि कुछ दिन पहले मनप्रीत कौर गांव आई और उसने शेष पैसे देने से इनकार कर दिया। शिकायत के मुताबिक, इसके बाद मनप्रीत के पति रेशम सिंह ने भी फोन पर कुलवंत सिंह से कथित तौर पर अभद्रता की।
5 अक्टूबर को पिता ने जहरीली दवा पी
सरबजीत कौर ने पुलिस को बताया कि इन घटनाओं के बाद उनके पति कुलवंत सिंह परेशान रहने लगे थे। शिकायत के अनुसार, 5 अक्टूबर को उन्होंने जहरीली दवा पी ली, जिसके बाद उनकी हालत बिगड़ गई और उनकी मौत हो गई।
पुलिस मामले में परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों और घटनाक्रम की जांच कर रही है।
तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज
ASI परमजीत सिंह के अनुसार, शिकायत के आधार पर मनप्रीत कौर, रेशम सिंह और सुखदेव सिंह उर्फ मनी, निवासी किरतोवाल कलां, के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी है।
फिलहाल, मामले में आरोपियों की भूमिका और विदेश भेजने के नाम पर हुई कथित धोखाधड़ी से जुड़े तथ्यों की जांच जारी है। आरोपों की पुष्टि जांच के निष्कर्षों और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही होगी।

