तरनतारन में पंजाब पुलिस का कॉन्स्टेबल 15 किलो हेरोइन के साथ गिरफ्तार, BSF ने पकड़ा; कीमत करीब ₹100 करोड़
तरनतारन: भारत-पाकिस्तान सीमा के पास नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई के दौरान सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने पंजाब पुलिस के एक कॉन्स्टेबल को कथित तौर पर 15 किलो हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान करणबीर सिंह के रूप में हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक, वह हाल ही में एंटी-ड्रोन यूनिट में तैनात हुआ था। बरामद हेरोइन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब ₹100 करोड़ बताई जा रही है।
कार्रवाई के बाद BSF ने आरोपी को पुलिस के हवाले कर दिया। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की टीम भी मामले में पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि हेरोइन कहां से लाई गई थी और इसे आगे किसे सौंपा जाना था।
करीब डेढ़ महीने पहले एंटी-ड्रोन यूनिट में हुआ था तबादला
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, करणबीर सिंह तरनतारन जिले के थाना सराय अमानत खां के अंतर्गत आने वाले गांव भूसे का निवासी है। वह पंजाब पुलिस में कॉन्स्टेबल के पद पर तैनात था।
बताया जा रहा है कि पहले वह थाना भिखीविंड के अंतर्गत पुलिस चौकी सुर सिंह में मुंशी के तौर पर काम कर रहा था। करीब डेढ़ महीने पहले उसका तबादला एंटी-ड्रोन यूनिट में किया गया था। यह यूनिट सीमा पार से ड्रोन के जरिए होने वाली कथित नशा तस्करी को रोकने के लिए काम करती है।
गुप्त सूचना के आधार पर BSF ने रोकी कार
रिपोर्ट के मुताबिक, बुधवार को BSF की 115वीं बटालियन को गुप्त सूचना मिली थी कि ड्रोन के जरिए हेरोइन की खेप सीमा पार से लाई गई है और उसे स्विफ्ट कार के माध्यम से आगे पहुंचाया जा सकता है।
सूचना मिलने के बाद सीमा क्षेत्र में चेकिंग बढ़ा दी गई। इसी दौरान एक स्विफ्ट कार को रोककर तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान प्लास्टिक के बैग में हेरोइन बरामद होने की बात सामने आई।

एक-एक किलो के पैकेट में मिली हेरोइन
बताया गया है कि बरामद हेरोइन अलग-अलग पैकेटों में रखी गई थी और प्रत्येक पैकेट का वजन करीब एक किलो था। कुल मात्रा लगभग 15 किलो बताई गई है।
मौके पर NCB की टीम भी पहुंची और आरोपी से पूछताछ की गई। इसके बाद BSF ने करणबीर सिंह को आगे की कार्रवाई के लिए पुलिस को सौंप दिया। जांच एजेंसियां अब कथित सप्लाई नेटवर्क, खेप के स्रोत और संभावित अन्य आरोपियों के बारे में जानकारी जुटा रही हैं।
BJP प्रदेश अध्यक्ष ने पंजाब सरकार पर उठाए सवाल
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केवल ढिल्लों ने पंजाब सरकार की नशा विरोधी मुहिम पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एंटी-ड्रोन यूनिट में तैनात पुलिस कर्मचारी से इतनी बड़ी मात्रा में हेरोइन बरामद होना गंभीर मामला है।
उन्होंने BSF और NCB की कार्रवाई की सराहना करते हुए आरोप लगाया कि राज्य में नशे के खिलाफ अभियान के बावजूद तस्करी पर प्रभावी रोक लगाने की जरूरत है। ये राजनीतिक आरोप हैं; मामले में जांच एजेंसियों के निष्कर्ष सामने आना अभी बाकी है।
सप्लाई नेटवर्क का पता लगाने में जुटी एजेंसियां
फिलहाल पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां बरामदगी से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आरोपी कथित तौर पर हेरोइन कहां ले जा रहा था और क्या इस मामले में अन्य लोग भी शामिल हैं।
आरोपी के खिलाफ आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

