पाकिस्तानी सिख जत्थे ने श्री केसगढ़ साहिब में माथा टेका, 49 श्रद्धालुओं को सिरोपा देकर किया सम्मानित
पाकिस्तान से भारत आए 49 सिख श्रद्धालुओं के जत्थे ने सोमवार को श्री आनंदपुर साहिब स्थित तख्त श्री केसगढ़ साहिब में माथा टेका। श्रद्धालुओं ने खालसा पंथ की चढ़दी कला और भारत-पाकिस्तान के गुरुद्वारों में खुले दर्शन-दीदार की अरदास की।
जत्था रविवार देर रात दिल्ली से श्री आनंदपुर साहिब पहुंचा था। तख्त श्री केसगढ़ साहिब में जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज और पांच प्यारों ने श्रद्धालुओं का स्वागत किया। इस दौरान शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के डॉ. दिलजीत सिंह भिंडर, अजमेर सिंह खेड़ा और तख्त साहिब के अतिरिक्त मैनेजर हरदेव सिंह भी मौजूद रहे।
गुरुद्वारा सीसगंज साहिब और भोरा साहिब में भी किए दर्शन
श्री केसगढ़ साहिब में माथा टेकने के बाद जत्थे के सदस्यों ने गुरुद्वारा सीसगंज साहिब और भोरा साहिब में भी नतमस्तक होकर गुरु साहिब का आशीर्वाद लिया।
धार्मिक स्थलों के दर्शन के बाद जत्थे के सदस्यों को सिरोपा और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। जत्थे के नेता पपिंदर सिंह ने स्वागत और सम्मान के लिए गुरुद्वारा प्रबंधकों का धन्यवाद किया।
जत्थे में 31 पुरुष, 17 महिलाएं और एक बच्चा शामिल
इस 49 सदस्यीय जत्थे में 31 पुरुष, 17 महिलाएं और एक बच्चा शामिल है। श्रद्धालु 8 अक्टूबर को पाकिस्तान से ताशकंद के रास्ते भारत पहुंचे थे।
भारत यात्रा के दौरान जत्थे ने हेमकुंट साहिब, दिल्ली, फतेहगढ़ साहिब और चमकौर साहिब सहित कई धार्मिक स्थलों के दर्शन किए।
30 अक्टूबर को पाकिस्तान लौटेगा जत्था
कार्यक्रम के अनुसार, जत्था सोमवार रात अमृतसर स्थित श्री दरबार साहिब पहुंचा। धार्मिक यात्रा पूरी करने के बाद श्रद्धालु 30 अक्टूबर को दिल्ली से पाकिस्तान लौटेंगे।
इस यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने विभिन्न ऐतिहासिक गुरुद्वारों में माथा टेककर धार्मिक परंपराओं का निर्वहन किया और भारत-पाकिस्तान के बीच गुरुद्वारों के खुले दर्शन-दीदार की अरदास की।

