गोल्डन टेंपल में हेलीकॉप्टर से बरसाए फूल, गुरु रामदास जी के प्रकाश पर्व पर उमड़ी संगत
अमृतसर में सोमवार को सिखों के चौथे गुरु श्री गुरु रामदास जी का प्रकाश पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर श्री हरिमंदिर साहिब (गोल्डन टेंपल) में हेलीकॉप्टर से फूलों की पंखुड़ियां बरसाई गईं। फूलों की वर्षा का मनमोहक दृश्य देखकर संगत भावविभोर हो गई।
प्रकाश पर्व के अवसर पर देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु श्री हरिमंदिर साहिब पहुंचे। श्रद्धालुओं ने पवित्र सरोवर में स्नान किया, गुरबाणी कीर्तन सुना और गुरु घर में माथा टेककर सुख-शांति की अरदास की। पूरे परिसर में धार्मिक श्रद्धा और भक्ति का माहौल देखने को मिला।

फूलों की वर्षा बनी आकर्षण का केंद्र
श्री हरिमंदिर साहिब में हेलीकॉप्टर से फूलों की पंखुड़ियां बरसाए जाने का दृश्य श्रद्धालुओं के लिए खास आकर्षण रहा। संगत ने भक्ति भाव से इस नजारे को देखा। फूलों की वर्षा ने पावन अवसर की रौनक और बढ़ा दी।
प्रकाश पर्व के दौरान गुरबाणी कीर्तन, अरदास और गुरु घर के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी रही। लंगर और सेवा के माध्यम से सिख धर्म की सेवा, समानता और मानवता की परंपराओं का संदेश भी देखने को मिला।
सरोवर में स्नान कर संगत ने सुनी गुरबाणी
प्रकाश पर्व मनाने के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं ने श्री हरिमंदिर साहिब के पवित्र सरोवर में स्नान किया और गुरबाणी कीर्तन का श्रवण किया। संगत ने गुरु साहिब के समक्ष नतमस्तक होकर परिवारों की सुख-समृद्धि और विश्व शांति के लिए प्रार्थना की।
सिख धर्म के प्रमुख आध्यात्मिक केंद्र श्री हरिमंदिर साहिब में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। हालांकि, गुरु साहिब के प्रकाश पर्व जैसे पावन अवसर पर यहां की धार्मिक रौनक और बढ़ जाती है। अमृतसर में इस दौरान उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला।

अमृतसर शहर की स्थापना से जुड़ा है गुरु रामदास जी का नाम
श्री गुरु रामदास जी सिख धर्म के चौथे गुरु थे। उनका जीवन सेवा, विनम्रता, मानवता और प्रभु भक्ति की प्रेरणा देता है। अमृतसर शहर की स्थापना का श्रेय भी उन्हें दिया जाता है।
गुरु रामदास जी द्वारा बसाई गई गुरु नगरी आज दुनिया भर में सिख धर्म की आस्था और आध्यात्मिक विरासत के प्रमुख केंद्र के रूप में पहचानी जाती है। उनके प्रकाश पर्व पर संगत ने श्रद्धा के साथ गुरु साहिब को नमन किया और उनकी शिक्षाओं को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।

