पंजाब में नशे के खिलाफ केंद्र सरकार का एक्शन, NCB अफसर स्कूलों में जाकर छात्रों से करेंगे सीधा संवाद
पंजाब को नशामुक्त बनाने के लिए केंद्र सरकार ने नई पहल शुरू की है। इस अभियान के पहले चरण में स्कूली विद्यार्थियों को नशे से दूर रखने और उन्हें नशा तस्करी के खिलाफ जागरूक करने पर जोर दिया जाएगा। इसके लिए नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
योजना के तहत NCB के अधिकारी सरकारी और निजी स्कूलों में जाकर विद्यार्थियों से सीधे बातचीत करेंगे। उन्हें नशे के शारीरिक और मानसिक दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी जाएगी। साथ ही बच्चों को नशा तस्करों की गतिविधियों पर नजर रखने और एजेंसी तक जरूरी सूचनाएं पहुंचाने के लिए जागरूक किया जाएगा। इस अभियान में विद्यार्थियों को ‘थर्ड आई’ यानी नशे के खिलाफ अतिरिक्त निगरानी और जागरूकता की भूमिका देने की योजना है।
सरकारी और निजी स्कूलों में होंगे जागरूकता कार्यक्रम
केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय ने पंजाब सरकार को निर्देश दिए हैं कि NCB अधिकारियों की स्कूलों में विद्यार्थियों के साथ बैठकें आयोजित करवाई जाएं। इसके लिए पंजाब के SCERT ने जिला शिक्षा अधिकारियों को सरकारी और निजी स्कूलों को अभियान से जोड़ने के निर्देश दिए हैं।
इस पहल का उद्देश्य केवल सरकारी स्कूलों तक सीमित नहीं रहेगा। निजी स्कूलों के प्रमुखों को भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के लिए कहा जाएगा, ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थियों तक नशे के खिलाफ संदेश पहुंचाया जा सके।
NCB के जोनल डायरेक्टर बनेंगे रिसोर्स पर्सन
योजना के तहत NCB के जोनल डायरेक्टर अलग-अलग क्षेत्रों में रिसोर्स पर्सन के रूप में काम करेंगे। वे स्कूलों में जाकर विद्यार्थियों को नशा तस्करों के तौर-तरीकों, उनके झांसों और प्रलोभनों के बारे में जानकारी देंगे।
यदि किसी स्कूल में अधिकारियों के दौरे के लिए पर्याप्त समय उपलब्ध नहीं होता, तो ऑनलाइन माध्यम से भी विद्यार्थियों के साथ संवाद किया जा सकेगा। इस तरह अभियान को स्कूलों तक पहुंचाने के लिए ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों तरीकों का इस्तेमाल किया जाएगा।
ड्रग्स के नुकसान और पीयर प्रेशर से बचने की मिलेगी जानकारी
जागरूकता कार्यक्रमों में प्रतिबंधित दवाओं, सिंथेटिक ड्रग्स और नशीले इंजेक्शनों के खतरों के बारे में बताया जाएगा। अधिकारियों का जोर इस बात पर रहेगा कि विद्यार्थी शुरुआत में ही नशे से दूरी बनाए रखें।
इसके साथ ही बच्चों को पीयर प्रेशर यानी दोस्तों के दबाव से निपटने के तरीके भी सिखाए जाएंगे। कई बार दोस्ती या समूह के दबाव में युवा पहली बार नशा करने के लिए तैयार हो जाते हैं। ऐसे में विद्यार्थियों को आत्मविश्वास के साथ ‘ना’ कहना और गलत गतिविधियों से दूर रहना सिखाया जाएगा।
नशा तस्करों की सूचना देने में बच्चों की भूमिका
इस अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा विद्यार्थियों को नशा विरोधी मुहिम से जोड़ना है। NCB अधिकारियों के अनुसार, बच्चों को अपने आसपास नशा तस्करी से जुड़ी संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी एजेंसी तक पहुंचाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
इसके लिए NCB के पोर्टल narcoticsindia.nic.in पर सूचना देने की व्यवस्था की जाएगी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, बच्चों की पहचान गोपनीय रखने की बात कही गई है, ताकि वे बिना डर के जानकारी साझा कर सकें।
नई पीढ़ी को नशे की गिरफ्त में आने से बचाने पर जोर
केंद्र सरकार की इस पहल का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशे की लत लगने से पहले ही जागरूक करना है। NCB का मानना है कि यदि विद्यार्थियों को कम उम्र से ही नशे के खतरों, तस्करों के तरीकों और दोस्तों के दबाव से निपटने की जानकारी दी जाए, तो उन्हें इस जाल में फंसने से बचाने में मदद मिल सकती है।
अब पंजाब के सरकारी और निजी स्कूलों में इन जागरूकता कार्यक्रमों के आयोजन पर नजर रहेगी। अभियान के जरिए विद्यार्थियों को नशे के खिलाफ जागरूक नागरिक बनाने की कोशिश की जाएगी।

