राजवीर जवंदा की पहली बरसी पर भावुक हुआ परिवार, सोशल मीडिया पर लिखा- ‘8 अक्टूबर का वो काला दिन’
पंजाब डेस्क: पंजाबी संगीत और फिल्म जगत के दिवंगत गायक एवं अभिनेता राजवीर जवंदा की पहली बरसी पर उनका परिवार भावुक हो गया। परिवार ने सोशल मीडिया पर एक भावनात्मक पोस्ट साझा कर उन्हें याद किया। पोस्ट में 8 अक्टूबर को जिंदगी का ऐसा दिन बताया गया, जिसका दर्द परिवार कभी नहीं भूल पाएगा।
परिवार ने लिखा, “आज का वो काला दिन…, जिसे हम अपने आखिरी दिन तक अपने साथ रखेंगे…” इस संदेश के बाद उनके प्रशंसक भी दिवंगत कलाकार को याद कर रहे हैं।

सड़क हादसे के बाद करीब दो सप्ताह तक चला इलाज
राजवीर जवंदा का 8 अक्टूबर 2025 को मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में निधन हो गया था। रिपोर्ट के अनुसार, 27 सितंबर 2025 को हिमाचल प्रदेश के बद्दी के पास बाइक चलाते समय उनका गंभीर सड़क हादसा हुआ था।
बताया गया कि अचानक सामने आए एक आवारा जानवर से टक्कर होने के बाद वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। हादसे में उनके सिर और रीढ़ की हड्डी में चोटें आई थीं। इसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां करीब दो सप्ताह तक उनका इलाज चला। हालांकि, डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके।
35 साल की उम्र में दुनिया को कहा अलविदा
राजवीर जवंदा पंजाब के लुधियाना जिले के जगराओं क्षेत्र के गांव पोना से ताल्लुक रखते थे। उन्होंने कम उम्र में पंजाबी संगीत और फिल्मों में अपनी पहचान बनाई थी। उनके निधन के समय उनकी उम्र 35 वर्ष बताई गई थी।
गानों और फिल्मों के जरिए आज भी याद किए जाते हैं
राजवीर जवंदा अपने कई लोकप्रिय पंजाबी गानों के लिए जाने जाते थे। उनके चर्चित गीतों में ‘खुश रिहा कर’, ‘सरनेम’, ‘आफरीन’, ‘लैंडलॉर्ड’, ‘डाउन टू अर्थ’ और ‘कंगनी’ शामिल हैं।
संगीत के साथ-साथ उन्होंने पंजाबी फिल्मों में भी काम किया। वह गिप्पी ग्रेवाल के साथ फिल्म ‘सूबेदार जोगिंदर सिंह’ में नजर आए थे। इसके अलावा उन्होंने ‘ज़िंद जान’ और ‘मिंदो तसीलदारनी’ जैसी फिल्मों में भी अभिनय किया।
पहली बरसी पर परिवार की भावुक पोस्ट ने एक बार फिर उनके चाहने वालों को उनकी याद दिला दी।

