AAP नेताओं की पेशी अब 16 अक्टूबर को, पंजाब बंद के समर्थन में अकाल तख्त ने बदली तारीख
अमृतसर: श्री अकाल तख्त साहिब ने आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायकों और नेताओं की पेशी की तारीख में बदलाव किया है। अब संबंधित नेताओं को 15 अक्टूबर के बजाय 16 अक्टूबर 2026 को सुबह 11 बजे सचिवालय में व्यक्तिगत रूप से पेश होकर अपना पक्ष रखना होगा। इस संबंध में नए पत्र जारी किए गए हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, यह फैसला 15 अक्टूबर को नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के विरोध में बुलाए गए पंजाब बंद के समर्थन में लिया गया है। बंद का आह्वान झोटा के परिवार की ओर से किया गया है।
जांच समिति की बैठक भी स्थगित
श्री अकाल तख्त साहिब के सचिवालय प्रभारी बगीचा सिंह ने बताया कि 15 अक्टूबर को जांच समिति की बैठक भी निर्धारित थी। इसमें विभिन्न मामलों से जुड़े पक्षों को बुलाया गया था।
हालांकि, पंजाब बंद के मद्देनजर जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज के आदेश पर बैठक फिलहाल स्थगित कर दी गई है। बैठक की अगली तारीख के बारे में उपलब्ध रिपोर्ट में जानकारी नहीं दी गई है।

विधायक मनविंदर सिंह ग्यासपुरा से जुड़ा है मामला
यह प्रकरण लुधियाना जिले के पायल से AAP विधायक मनविंदर सिंह ग्यासपुरा से संबंधित है। रिपोर्ट के अनुसार, श्री अकाल तख्त साहिब ने इस मामले में आम आदमी पार्टी से जुड़े कुछ विधायकों और नेताओं को अपना पक्ष रखने के लिए तलब किया था।
ग्यासपुरा 12 अक्टूबर को दिल्ली के गुरुद्वारा बंगला साहिब में पुलिसकर्मियों के जूते पहनकर और सिर ढके बिना प्रवेश करने की घटना को लेकर जत्थेदार को मांगपत्र सौंपने पहुंचे थे। उन्होंने मांग की थी कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को इस मामले में तलब किया जाए और आवश्यक कार्रवाई की जाए।
ग्यासपुरा ने लगाया प्रवेश से रोकने का आरोप
विधायक मनविंदर सिंह ग्यासपुरा का आरोप है कि उन्हें अनुसूचित जाति से संबंधित होने के कारण श्री अकाल तख्त साहिब के सचिवालय में प्रवेश नहीं करने दिया गया।
वहीं, सचिवालय की ओर से इस आरोप को खारिज करते हुए कहा गया कि उन्हें जाति के आधार पर नहीं रोका गया था। सचिवालय के अनुसार, प्रवेश रोकने की वजह जत्थेदार और सिख संस्था के प्रति उनकी पहले की कथित आपत्तिजनक टिप्पणियां थीं।
अब 16 अक्टूबर को पेशी पर नजर
पेशी की तारीख बदलने के बाद अब संबंधित AAP नेताओं को 16 अक्टूबर को सुबह 11 बजे सचिवालय में उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देना होगा। वहीं, जांच समिति की स्थगित बैठक की नई तारीख का इंतजार है।
इस पूरे मामले में विधायक के आरोपों और सचिवालय के पक्ष के बीच मतभेद सामने आए हैं। आगे की कार्रवाई संबंधित पक्षों की पेशी और उनके स्पष्टीकरण के बाद स्पष्ट होगी।

