लुधियाना कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान के बीच आशु की पोस्ट चर्चा में
लुधियाना: लुधियाना कांग्रेस में चल रही अंदरूनी खींचतान के बीच पूर्व मंत्री भारत भूषण आशु की एक सोशल मीडिया पोस्ट ने राजनीतिक चर्चाओं को फिर तेज कर दिया है। हाल ही में कांग्रेस की ‘हर बूथ कांग्रेस मजबूत’ बैठक के दौरान हुए विवाद के बाद आशु ने शनिवार को शायराना अंदाज में पोस्ट साझा की।
आशु ने अपनी पोस्ट में किसी नेता का नाम नहीं लिया, लेकिन राजनीतिक हलकों में इसे हालिया विवाद के संदर्भ में देखा जा रहा है। पोस्ट में उन्होंने मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद मजबूती से खड़े रहने और अपने रास्ते में आने वाली चुनौतियों का सामना करने जैसे भाव व्यक्त किए हैं।
बैठक में नारेबाजी को लेकर हुआ था विवाद
दरअसल, गुरुवार को लुधियाना में कांग्रेस की ओर से ‘हर बूथ कांग्रेस मजबूत’ अभियान के तहत बैठक आयोजित की गई थी। बैठक के दौरान भारत भूषण आशु के समर्थकों ने उनके समर्थन में नारे लगाए।
नारेबाजी के दौरान माहौल उस समय गर्म हो गया, जब पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष और सांसद राजा वडिंग ने इस पर नाराजगी जाहिर की। रिपोर्टों के मुताबिक, इस दौरान वडिंग ने नारे लगाने वालों के खिलाफ कड़ी टिप्पणी की और उन्हें बैठक से बाहर जाने के लिए कहा।
इस घटनाक्रम के बाद लुधियाना कांग्रेस में गुटबाजी और नेताओं के बीच मतभेद को लेकर राजनीतिक चर्चाएं शुरू हो गईं।
दो दिन बाद सामने आई आशु की शायराना पोस्ट
विवाद के बाद भारत भूषण आशु ने तत्काल कोई सार्वजनिक राजनीतिक प्रतिक्रिया नहीं दी। हालांकि, शनिवार को उनकी सोशल मीडिया पोस्ट सामने आने के बाद इसे गुरुवार की घटना से जोड़कर देखा जाने लगा।
पोस्ट में आशु ने बिना किसी का नाम लिए अपनी स्थिति और संघर्ष को शायरी के माध्यम से व्यक्त किया। उन्होंने संकेतात्मक अंदाज में लिखा कि मुश्किलें किसी व्यक्ति को कमजोर करने के बजाय उसे और मजबूती से सामने ला सकती हैं।
हालांकि आशु की ओर से यह स्पष्ट नहीं किया गया कि पोस्ट किसी विशेष राजनीतिक घटनाक्रम या नेता के जवाब में है।
कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति पर फिर नजर
लुधियाना कांग्रेस में पिछले कुछ समय से अलग-अलग नेताओं और गुटों के बीच राजनीतिक गतिविधियां चर्चा में रही हैं। ऐसे में आशु की ताजा पोस्ट ने एक बार फिर पार्टी के भीतर चल रही खींचतान को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि आशु की पोस्ट का सीधा संबंध राजा वडिंग के हालिया बयान से है या यह केवल उनकी व्यक्तिगत भावनाओं को दर्शाती है। लेकिन जिस समय और परिस्थितियों में यह पोस्ट सामने आई है, उसके कारण सियासी गलियारों में इसके अलग-अलग मायने निकाले जा रहे हैं।


